myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

टैटू का चलन सन 1800 से अस्तित्व में मौजूद है। मूल रूप से धर्म और संस्कृति को परिलक्षित करने के लिए टैटू उपयोग में आया था। लेकिन आज टैटू के मायने बदल गए हैं। टैटू आज न सिर्फ फैशन का हिस्सा है बल्कि अपनों के प्रति प्यार दर्शाने का एक बेहतरीन जरिया भी बन गया है। आजकल ज्यादातर प्रेमी जोड़ों को अपने हाथ, गर्दन आदि जगहों पर टैटू करवाते देखा जा सकता है। लेकिन सवाल है क्या टैटू करवाने का कोई नुकसान है? बिल्कुल है। टैटू करवाने से न सिर्फ समस्याएं होती हैं बल्कि कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। टैटू से त्वचा में संक्रमण और अन्य जोखिम भी हो सकते हैं। जानिए, इनके बारे में।

कैंसर

क्या टैटू की वजह से स्किन कैंसर हो सकता है? शोधकर्ता सालों से इस सवाल का जवाब खोज कर  रहे हैं। हालांकि अब तक टैटू और स्किन कैंसर के बीच कोई प्रत्यक्ष संपर्क नजर नहीं आया है, लेकिन इस बात का पता चला है कि टैटू इंक में कुछ ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका संबंध कैंसर से हो सकता है। जब कैंसर की बात करें, तो टैटू में इस्तेमाल होने वाली इंक खासकर काली इंक ज्यादा खतरना होती है, क्योंकि इसमें बेंजो पाइरीन का स्तर बहुत ज्याद होता है। इंटरनेशनल एजेंसी फाॅर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार बेंजो पाइरीन को फिलहाल कैंसरकारी तत्वों की सूचि में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग टैटू करवाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली काली स्याही के स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर वाकई काफी चिंतित है। जबकि इसी स्याही का टैटू में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अतिरिक्त टैटू के शौकीन लोग अपने पूरे शरीर को स्याही से भर देते हैं, जिससे उनकी त्वचा की पिगमेंटेशन बदल जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार स्किन कैंसर खासकर मेलानोमा का यह पहला संकेत होता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ पहले से मौजूद मस्से, जन्म का निशान और असामान्य त्वचा पर टैटू करवाने से मना करते हैं।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

एलर्जी

टैटू में लाल, हरा, पीला और नीले रंग के डाई का उपयोग किया जाता है। इन सभी रंगों की वजह से शरीर के जिस हिस्से में टैटू बनाया होता है, वहां स्किन एलर्जी जैसे त्वचा में खारिश हो सकती है। जरूरी नहीं है कि टैटू करवाने के तुरंत बाद ऐसा हो। टैटू करवाने के कई सालों बाद भी यह समस्या हो सकती है। टैटू के लिए इस्तेमाल होने वाली इंक में कई तरह के रसायानों का उपयोग किया जाता है, जिससे त्वचा पर नकारात्मक रूप से प्रभाव पड़ता है। इसीलिए बेहतर होगा कि टैटू बनवाने से दूर रहें।

(और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या करें)

हेपेटाइटिस

टैटू से होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक हेपेटाइटिस है। हेपाटाइटिस संक्रमित रोग है। हेपाटाइटिस के रोगी पर इस्तेमाल की गई टैटू की सुई को किसी स्वस्थ व्यक्ति पर इस्तेमाल करने से उसे भी हेपाटाइटिस हो सकता है। यही वजह है कि टैटू बनवाने वाले पहले टैटू पार्लर की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें और ध्यान दें कि वहां के कारीगर टैटू बनवाते वक्त ग्लव्स पहनते हैं या नहीं। सबसे मुख्य बात यह कि टैटू बनाते वक्त वे नई सुई का उपयोग करते हैं या फिर पुरानी सुई का। क्या उनकी सुई साफ होती है। अगर टैटू पार्लर में जरा भी साफ-सफाई के प्रति संदेह हो, तो ऐसी जगह से टैटू कतई न कराएं। ध्यान रखें कि अगर संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल की गई सुई का इस्तेमाल आप पर करते हैं तो इससे आपको ब्लड बोर्न डिजीज हो सकता है। इसमें हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी शामिल हैं।

(और पढ़ें - हेपेटाइटिस बी टेस्ट क्या है)

एमआरआई के जोखिम

बहुत कम मामलों में, टैटू या स्थाई मेकअप (परमानेंट मेक अप) की वजह से एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग) के दौरान प्रभावित हिससे में सूजन या जलन की समस्या होती है। लेकिन कुछ मामलों में टैटू की वजह से इमेज की  गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। मतलब यह कि टैटू से दूर रहना ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

त्वचा संबंधी समस्याएं

टैटू करवाने की वजह से कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार टैटू की स्याही की वजह से प्रभावित हिस्से में ग्रेन्युलोमा हो सकता है। इसके अलावा टैटू की वजह से केलाॅइड्स (चोट के स्थान पर विकसित होने वाले स्कार ऊतक असाधारण तरीके से फैलना) भी हो सकते हैं।

टैटू की वजह से स्वास्थ्य को जोखिम

  • त्वचा में संक्रमण जैसे स्टाफ इंफेक्शन या ट्यूबरकुलोसिस
  • संक्रमित बीमारियां जैसे एचआईवी होने का खतरा
  • प्रभावित हिस्से में सूजन या जलन

टैटू करवाने से पहले बरतें ये सावधानी

  • टैटू किसी लाइसेंसधारी सैलून या पार्लर से ही करवाएं।
  • टैटू बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए कानून के बारे में अवश्य जान लें।
  • आर्टिस्ट को कहें कि टैटू के लिए नई सुई और रेजर का उपयोग करे। अपने सामने ही उनकी सील खुलवाएं।
  • ध्यान रखें कि टैटू बनाते वक्त आपका आर्टिस्ट नए ग्लव्स पहन रहा है।
  • जहां बैठकर टैटू बनवाएंगे, वहां की चीजें साफ-सुरक्षित होनी चाहिए।
  • टैटू को बनवाने के बाद बैंडेज से ढक कर रखें। साथ ही आर्टिस्ट के दिए गए सभी निर्देष मानें। 
और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें
अभी 17 डॉक्टर ऑनलाइन हैं ।