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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बचपन से लेकर बुढ़ापे तक माहिलाएं पुरूषों के मुकाबले ज्यादा स्वस्थ जिंदगी जीती हैं। मृत्युदर भी पुरूषों की महिलाओं की तुलना में ज्यादा है। मृत्यु के प्रमुख 15 कारणों में से 14 कारणों में पुरुष महिलाओं से आगे हैं। सवाल उठता है ऐसा क्यों है? विशेषज्ञों का मानना है कि पुरूष महिलाओं की तरह अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सजग नहीं होते। यही वजह है कि औसतन पुरूषों की अपनी पत्नी से 5 साल पहले मृत्यु हो जाती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि पुरूष अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें। यहां हम आपको ऐसी गंभीर बीमारियों के बारे में बता रहे हैं, जो पुरूषों के लिए जानलेवा है।

प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट पुरूषों के प्रजनन तंत्र का एक ग्लैंड है। यह अखरोट के साइज का होता है जो कि पुरूषों के गुप्तांग के पीछे होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरूषों को प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। यह बीमारी सिर्फ पुरूषों को प्रभावित करती है। इसमें कैंसर कोशिकाएं प्रोस्टेट में विकसित होने लगती हैं। आमतौरप पर ज्यादातर प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे विकसित होते हैं। कुछ लोगों में यह तेजी से विकसित होता है। वक्त रहते इस बीमारी का पता लगाना मुश्किल होता है। हालांकि प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाता है, लेकिन हर बार यह सौ फीसदी सफल नहीं होता। यही वजह है कि ज्यादातर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डाॅक्टर से नियमित तौर पर अपना फुल चेकअप कराएं ताकि इस तरह की समस्या न हो।

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अवसाद
देखने में आता है कि महिलाएं अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान हो जाती हैं। बात-बात पर चिड़चिड़ी नजर आती हैं और कई बार तो रोने भी लगती हैं। पुरूष ऐसा कुछ नहीं करते। वे न तो अपनी परेशानी किसी से साझा करते हैं और न ही यह जताते हैं कि वे परेशान हैं। इतना ही नहीं भावनात्मक रूप से अकेलापन महसूस करने के बावजूद वे अपनी दिल की बात किसी को बताना जरूरी नहीं समझते। जबकि भावनात्मक अकेलापन उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कराता है। इससे उन्हें अवसाद होने लगता है, ब्रेन केमिकल और स्ट्रेस वाला हार्मोन असंतुलित हो जाता है। नतीजतन उन्हें नींद नहीं आती, भूख कम लगती है, खाना खाने का मन नहीं करता और ऊर्जा की कमी भी महसूस करते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार अवसाद होने की वजह से हृदय रोग की आशंका भी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का पहले मानना था कि पुरूषों की तुलना में महिलाएं अवसाद में ज्यादा आती हैं। लेकिन अब ऐसा शायद इसलिए होता है क्योंकि पुरूष अपनी भावनाओं को छिपाए रखते हैं जबकि महिलाएं अपनी हर बात को खुलकर कहती हैं। पुरूषों को चाहिए कि अपने दिल की बात किसी न किसी से जरूर साझा करें।

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डायबिटीज
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसका समय रहते इलाज न किया जाए तो इससे किडनी रोग, हृदय रोग, स्ट्रोक, अंधापन, धुंधला दिखना जैसी बीमारियां हो सकती हैं। जिन पुरूषों को डायबिटीज है, उनमें टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है और नपुंसकता की आशंका बढ़ जाती है। डायबिटीज से बचने के लिए पुरूषों को अपनी जीवनशैली को संतुलित रखना चाहिए और खानपान में स्वस्थ आहार शामिल करना चाहिए। इसी तरह अगर किसी पुरूष को डायबिटीज है, तो उसे डाॅक्टर से परामार्श कर अपने लिए संतुलित डाइट चार्ट बनवाना चाहिए। ध्यान रखें कि डायबिटीज में जरा भी लापरवाही आपके लिए जानेलवा साबित हो सकती है।

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एचआईवी और एड्स
आमतौर पर पुरूषों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें एचआईवी संक्रमण हुआ है। हालांकि एचआईवी के शुरूआती स्तर में सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं। इसे सामान्य समस्या समझकर पुरूष इसकी अनदेखी कर बैठते हैं या फिर केमिस्ट से दवा लेकर अपना इलाज खुद कर लेते हैं। जबकि एचआईवी संक्रमण होने पर मरीज का बुखार लंबे समय तक चलता है। ब्लड टेस्ट करने के बाद ही इसका पता चल पाता है। लेकिन पुरूषों को चाहिए कि यदि लंबे समय तक बुखार ठीक न हो तो लापरवाही न बरतें। तुरंत डाक्टर से चेकअप कराएं। संक्रमण का पता चलने पर पूरा इलाज कराएं। इसके साथ ही समय पर दवा लें और हेल्दी डाइट से खुद को स्वस्थ रखें।

(और पढ़ें - एचआईवी एड्स होने पर क्या करें)

सेहत के प्रति अनदेखी करना किसी के लिए भी सही नहीं है। पुरूषों को भी अपना ख्याल रखना चाहिए। जो बीमारियां उन्हें आसानी से हो सकती है, उनके संबंध में जानकर आप बीमारियों से बचे रह सकते हैं।

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