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टारडिव डिस्किनीशिया क्या होता है?

चेहरे व शरीर के कुछ भागों में अनैच्छिक रूप से कुछ असामान्य गतिविधि होने की स्थिति को टारडिव डिस्किनीशिया कहा जाता है। यह कुछ प्रकार की एंटीसायकोटिक दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में विकसित होता है। इन दवाओं का उपयोग कुछ प्रकार के मानसिक रोग का इलाज करने के लिए किया जाता है।

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टारडिव डिस्किनीशिया के लक्षण क्या हैं?

इसमें मुख्य रूप से जबड़े, होंठ और जीभ में असामान्य रूप से गतिविधियां होने लग जाती है। इससे होने वाले कुछ विशेष लक्षणों में जीभ हिलाना, मुंह बनाना या कुछ चूसने जैसे मुंह बनाना आदि शामिल है। कुछ मामलों में बाजू और टांगें भी टारडिव डिस्किनीशिया से प्रभावित हो जाती हैं। टारडिव डिस्किनीशिया से बाजू व टांगों में अचानक से झटका आने जैसी गतिविधियां होने लग जाती हैं और हाथों की उंगलियां बिना किसी वजह के हिलने लग जाती हैं (Writhing movements).

टारडिव डिस्किनीशिया क्यों होता है?

यह रोग आमतौर पर न्यूरोलेप्टिक या एंटीसायकोटिक दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में ही विकसित होता है। ये दवाएं सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसआर्डर और अन्य कई प्रकार के मानसिक रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है। 

यदि आप तीन महीने या उससे ज्यादा समय से एंटीसायकोटिक दवाएं ले रहे हैं, तो आपको टारडिव डिस्किनीशिया हो सकता है। टारडिव डिस्किनीशिया एंटीसायकोटिक की एक ही खुराक लेने से भी हो सकता है, लेकिन यह बहुत ही दुर्लभ मामलों में हो पाता है। 

यदि आप जी मिचलाना, रिफ्लक्स व पेट संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ प्रकार की दवाओं 3 महीने या उससे ज्यादा समय से ले रहे हैं, तो टारडिव डिस्किनीशिया रोग हो सकता है।

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टारडिव डिस्किनीशिया का इलाज कैसे किया जाता है?

टारडिव डिस्किनीशिया के कुछ लक्षण स्थायी बन जाते हैं या काफी समय तक रहते हैं। हालांकि काफी लोगों को किसी बीमारी का इलाज करने के लिए लंबे समय तक एंटीसायकोटिक दवाएं लेने की आवश्यकता पड़ती है। यदि टारडिव डिस्किनीशिया के लक्षण विकसित होने लगते हैं, तो सबसे पहले डॉक्टर को इस बारे में बताएं ताकि जो दवाएं आप ले रहे हैं, उनको बंद या कुछ बदलाव किया जाए। 

टारडिव डिस्किनीशिया का इलाज करने के लिए एक दवा बनाई गई है, लेकिन वह कुछ मरीजों के लिए काफी महंगी हो सकती है। दवाओं के अलावा कुछ वैकल्पिक एंजेंट भी हैं, जो टारडिव डिस्किनीशिया का इलाज करने में मदद करते हैं, जैसे विटामिन ई आदि। 

(और पढ़ें - विटामिन ई की कमी से होने वाला रोग)

  1. टारडिव डिस्किनीशिया की दवा - Medicines for Tardive Dyskinesia in Hindi

टारडिव डिस्किनीशिया की दवा - Medicines for Tardive Dyskinesia in Hindi

टारडिव डिस्किनीशिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
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References

  1. National Organization for Rare Disorders [Internet], Tardive Dyskinesia
  2. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Tardive dyskinesia
  3. Elyse M. Cornett et al. Medication-Induced Tardive Dyskinesia: A Review and Update . Ochsner J. 2017 Summer; 17(2): 162–174. PMID: 28638290
  4. National Institute of Neurological Disorders and Stroke [Internet] Maryland, United States; Tardive Dyskinesia Information Page.
  5. Vasan S, Padhy RK. Tardive Dyskinesia. [Updated 2019 Feb 4]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2019 Jan-.
  6. U. S Food and Drug Association. [Internet]. FDA approves first drug to treat tardive dyskinesia
  7. Olga Waln, Joseph Jankovic. An Update on Tardive Dyskinesia: From Phenomenology to Treatment . Tremor Other Hyperkinet Mov (N Y). 2013; 3: tre-03-161-4138-1. PMID: 23858394
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