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ओवेरियन कैंसर (अंडाशय कैंसर या ओवरी का कैंसर) अंडाशय में शुरू होता है। अंडाशय (Ovaries) महिलाओं में पाई जाने वाली प्रजनन ग्रंथियां हैं। अंडाशय प्रजनन के लिए अंडों का उत्पादन करता है। अंडे फैलोपियन ट्यूब्स से गर्भाशय में जाते हैं जहाँ निषेचित अंडा (Fertilized Egg) प्रवेश करता है और भ्रूण में विकसित होता है। अंडाशय महिला हॉर्मोन्स - एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्ट्रोन (Progesterone) का भी मुख्य स्त्रोत है। 

बढ़ती उम्र की महिलाओं में अंडाशय का कैंसर एक आम समस्या बनता जा रहा है। महिलाओं में होने वाले अन्य सभी कैंसरों में ओवरी में कैंसर कोशिकाओं का विकास होने की संभावना लगभग 4% है। हालांकि यह एक जल्दी बढ़ने वाला कैंसर है और महिलाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। लगभग तीन-चौथाई महिलाओं में इसका निदान तीसरे या चौथे स्टेज पर होता है।

  1. ओवेरियन कैंसर के प्रकार - Types of Ovarian Cancer in Hindi
  2. ओवेरियन कैंसर के चरण - Stages of Ovarian Cancer in Hindi
  3. ओवेरियन कैंसर के लक्षण - Ovarian Cancer Symptoms in Hindi
  4. ओवेरियन कैंसर के कारण - Ovarian Cancer Causes in Hindi
  5. ओवेरियन कैंसर से बचाव - Prevention of Ovarian Cancer in Hindi
  6. ओवेरियन कैंसर का परीक्षण - Diagnosis of Ovarian Cancer in Hindi
  7. ओवेरियन कैंसर का इलाज - Ovarian Cancer Treatment in Hindi
  8. ओवेरियन कैंसर के जोखिम और जटिलताएं - Ovarian Cancer Risks & Complications in Hindi
  9. ओवेरियन कैंसर में परहेज़ - What to avoid during Ovarian Cancer in Hindi?
  10. ओवेरियन कैंसर में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Ovarian Cancer in Hindi?
  11. ओवेरियन कैंसर की दवा - Medicines for Ovarian Cancer in Hindi
  12. ओवेरियन कैंसर के डॉक्टर

ओवेरियन कैंसर के प्रकार - Types of Ovarian Cancer in Hindi

  • एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर (Epithelial Ovarian Cancer)
    यह सबसे आम प्रकार का अंडाशयी कैंसर है। अंडाशय में होने वाले करीब 90 प्रतिशत ट्यूमर एपिथेलियल होते हैं।
     
  • अंडाशयी टेराटोमा (Ovarian Teratoma)
    यह एक प्रकार का रोगाणु कोशिका ट्यूमर है। कैंसरग्रस्त टेराटोमा होना एक दुर्लभ स्थिति है और यह अक्सर 20 से 25 वर्ष की महिलाओं में होता है।
     
  • अंडाशयी ग्रैनुलोसा ट्यूमर (Granulosa Tumour Of The Ovary)
    यह एक प्रकार के स्ट्रोमल ट्यूमर होते हैं और अंडाशयी कैंसर से ग्रस्त महिलाओं में सिर्फ 5 महिलाओं में ही इसका निदान होता है।
     
  • प्राइमरी पेरिटोनियल कैंसर (Primary Peritoneal Cancer)
    यह पेरिटोनियम का एक दुर्लभ कैंसर है। यह अंडाशयी कैंसर के सबसे आम प्रकार एपिथेलियल कैंसर के समान होता है।
     
  • फैलोपियन ट्यूब कैंसर (Fallopian Tube Cancer)
    यह कैंसर दुर्लभ है। महिला प्रजनन प्रणाली में होने वाले कैंसर में से इसके होने की संभावना सिर्फ 1% है।
     
  • बॉर्डरलाइन ओवेरियन ट्यूमर (Borderline Ovarian Tumours)
    यह ट्यूमर असामान्य कोशिकाएं हैं जो अंडाशय को कवर करने वाले ऊतकों में बन जाते हैं। यह कैंसर नहीं होते और आमतौर पर सर्जरी से ठीक हो जाते हैं।

ओवेरियन कैंसर के चरण - Stages of Ovarian Cancer in Hindi

किसी भी कैंसर के स्टेज से यह पता चलता है कि वह कितना फैला है और उपचार के लिए कौनसी पद्धति बेहतर रहेगी। 

  • स्टेज 1 (Stage 1): कैंसर एक या दोनों अंडाशयों तक ही सीमित है। 
  • स्टेज 2 (Stage 2): कैंसर श्रोणि तक फैला है। 
  • स्टेज 3 (Stage 3): कैंसर पेट तक फ़ैल चुका है। 
  • स्टेज 4 (Stage 4): कैंसर पेट से बाहर या अन्य अंगों तक फ़ैल चुका है।

ओवेरियन कैंसर के लक्षण - Ovarian Cancer Symptoms in Hindi

अण्डाशयी कैंसर में निम्न लक्षण दिख सकते हैं:

  • योनिक रक्तस्त्राव (विशेष रूप से अगर आपका मेनोपॉज़ हो चुका हो तो) या योनि से असामान्य स्त्राव। 
  • श्रोणिक क्षेत्र में दर्द या दबाव। 
  • पेट या पीठ में दर्द। 
  • पेट फूलना। 
  • जल्दी से पेट भरा हुआ लगना या खाने में परेशानी। 
  • बार मूत्रत्याग करने की इच्छा या कब्ज। 

ये सभी लक्षण कैंसर के अलावा किसी अन्य परेशानी के कारण भी हो सकते हैं। कोई भी असामान्यता होने पर अपने चिकित्सक को अवश्य दिखाएँ।

ओवेरियन कैंसर के कारण - Ovarian Cancer Causes in Hindi

अंडाशयी कैंसर अन्य किसी कैंसर की तरह कोशिकाओं के अनियमित व अनियंत्रित गुणन और विभाजन से होता है। हालांकि किसी को भी यह नहीं ज्ञात कि कैंसर का मूल कारण क्या है। 
निम्नलिखित कुछ कारक हैं जो ओवरी के कैंसर के होने का जोखिम बढ़ाते हैं:

  • आनुवंशिकी (Genetics)
    अगर आपके किसी करीबी रिश्तेदार को ओवेरियन कैंसर या स्तन कैंसर रह चुका है तो ऐसे में आपको ओवेरियन कैंसर होने का ज़्यादा जोखिम रहता है।

  • उम्र
    अधिकतर मामले 65 से अधिक उम्र की महिलाओं में पाए गए हैं।

  • जीवनकाल में कुल ओव्युलेशन्स की अधिक संख्या (High number of total lifetime Ovulations)
    जीवनकाल में महिला कितनी बार ओव्युलेट करती है इसका ओवेरियन कैंसर के साथ संबंध होता है:

    • जितने अधिक बार महिला ने गर्भधारण किया है, उतना ही कम जोखिम होता है। 
    • जिन महिलाओं ने कभी भी गर्भनिरोधक गोलियां नहीं ली हैं, उनमें अधिक जोखिम होता है। 
    • जिन महिलाओं में पीरियड्स यानि मासिक धर्म कम उम्र में शुरू हो जाते हैं, उनमें जोखिम बढ़ जाता है। 
    • जिनमें मेनोपॉज़ देर से हो, उनमें भी जोखिम अधिक होता है।
  • प्रजनन क्षमता में कमी या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट
    कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि प्रजनन क्षमता में कमी के उपचार और ओवेरियन कैंसर होने के जोखिम में एक संबंध है हालांकि यह नहीं ज्ञात कि जोखिम प्रजनन क्षमता में कमी के कारण बढ़ता है या उसके उपचार से। 

  • ब्रेस्ट कैंसर
    जिन महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान किया गया है उनमें अंडाशयी कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

  • हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
    हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से भी ओवेरियन कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

  • अधिक मोटापा
    मोटापा अन्य बीमारियों की तरह इस कैंसर के जोखिम को भी बढ़ाता है।

  • एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)
    जिन महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस का निदान किया गया है उनमें ओवेरियन कैंसर होने का जोखिम 30 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

ओवेरियन कैंसर से बचाव - Prevention of Ovarian Cancer in Hindi

  • इस समस्या को होने से रोकने के लिए महिलाओं को रक्त-कैल्शियम दर की नियमित जांच करवाते रहनी चाहिए। अगर दर उच्च यानि हाई हैं, तो डिंबग्रंथि कैंसर (Ovarian Cancer) होने का जोखिम ज़्यादा होता है। इस दर को सामान्य रखकर इस जोखिम से बचा जा सकता है।
  • गर्भनिरोधक गोलियां न केवल ओवेरियन कैंसर के जोखिम को कम करती हैं बल्कि ये दवा को बंद करने के 30 साल बाद तक भी इस बीमारी के जोखिम को कम करती हैं। 
  • जिन महिलाओं के परिवार में कभी किसी सदस्य को कॉलन कैंसर (Colon Cancer), प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) या गर्भाशयी कैंसर (Uterine Cancer) रह चुका है तो ऐसे में महिलाओं को लक्षणों का ध्यान रखना चाहिए और नियमित जांच करवाते रहना चाहिए।
  • ट्यूबल लिगेशन (Tubal Ligation - फॉलोपियन ट्यूब्स का बंधाव) और हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) से भी इस कैंसर के होने के जोखिम को कम किया जा सकता है। 
  • स्वस्थ वज़न बनाये रखने से अंडाशय कैंसर होने का खतरा कुछ हद तक कम हो जाता है। व्यायाम करें। 
  • धूम्रपान, तम्बाकू, मदिरा आदि का सेवन न करें। 

ओवेरियन कैंसर का परीक्षण - Diagnosis of Ovarian Cancer in Hindi

ओवेरियन कैंसर के निदान में मेडिकल हिस्ट्री (अतीत में रह चुकी मेडिकल समस्याएं) और शारीरिक जांच शामिल होती है। शारीरीक जांच में पेल्विक एग्ज़ाम (Pelvic Exam) और रेक्टल एग्ज़ाम (Rectal Examination) शामिल होने चाहिए। रक्त परीक्षण (Blood Tests) भी करवाए जाते हैं, जिनमें निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count)
  • कैंसर एंटीजन 125 दर की जांच (Test for Cancer Antigen 125 Levels)
  • HCG लेवल की जांच
  • अल्फा-फेटोप्रोटीएन (Alpha-Fetoprotein) की जांच
  • लैक्टेट डिहाइड्रोजनेज स्तर (Lactate Dehydrogenase Levels) की जांच
  • इन्हिबिन (Inhibin), एस्ट्रोजन (Estrogen) और टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) दर की जांच 
  • गुर्दे के जांच

अन्य नैदानिक अध्ययन भी करवाएं जा सकते हैं:

बायोप्सी (Biopsy)
कैंसर की मौजूदगी निर्धारित करने हेतु बायोप्सी किया जाना आवश्यक है। अंडाशय का एक छोटा सैंपल लेकर कैंसर कोशिकाओं की जांच की जाती है।

इमेजिंग टेस्ट्स (Imaging Tests)
कई प्रकार के इमेजिंग परीक्षणों जैसे सीटी स्कैन (CT Scan), एमआरआई (MRI) या पीईटी स्कैन (PET Scan) से अंडाशय में हुए किसी भी प्रकार के परिवर्तन का पता लगाया जा सकता है। 

मेटास्टासिस के जांच
चिकित्सक यह भी जांच करेंगे कि कैंसर अन्य अंगों तक तो नहीं फैला है (इसे मेटास्टासिस कहा जाता है), जिसके लिए निम्न टेस्ट्स किये जा सकते हैं:

  1. मूत्र जांच (Urinalysis)
  2. छाती का एक्स-रे (Chest X-Ray)
  3. बेरियम एनीमा (Barium Enema) 

ओवेरियन कैंसर का इलाज - Ovarian Cancer Treatment in Hindi

इस कैंसर के उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी (Chemotherapy), या सर्जरी और कीमोथेरेपी का संयोजन और कभी कभी रेडियोथेरेपी का प्रयोग किया जाता है। 
उपचार का प्रकार अंडाशय कैंसर के प्रकार, स्टेज और मरीज़ की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय किया जाता है। 

  • सर्जरी
    आम तौर पर अंडाशय कैंसर से ग्रस्त मरीज़ों के लिए सर्जरी ही पहली उपचार पद्धति होती है। अगर सर्जरी के दौरान सिर्फ एक अंडाशय को हटाया गया है, तो अभी भी संभावना है कि महिला माँ बन सकती है। हालांकि अगर दोनों अंडाशय निकाल दिए गए हैं तो गर्भधारण नहीं किया जा सकता। (सर्जरी के बारे में और जानिये - अंडाशय कैंसर की सर्जरी
     
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy)
    कीमो में दवाओं का प्रयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। उपचार में करीब 3-6 कीमोथेरेपी सेशंस होते हैं जो 3-4 हफ़्तों के अंतराल में होते हैं ताकि मरीज़ को रिकवर करने का समय मिल सके।
     
  • हॉर्मोन थेरेपी (Hormone Therapy)
    हार्मोन थेरेपी को उपचार की योजना में जोड़ा जा सकता है ताकि एस्ट्रोजन को कैंसर कोशिकाओं तक पहुँचने से रोका जा सके। एस्ट्रोजन की आपूर्ति को कम करने से कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोका जा सकता है। 
     
  • दवाएं (Mediactions and Targeted Therapy)
    नई दवाओं का विकास किया जा रहा है जो कैंसर कोशिकाओं पर विशिष्ट रूप से टार्गेट करतीं हैं। यह दवाएं हैं - Bevacizumab (Avastin) और Olaparib (Lynparza)। कीमोथेरेपी की तुलना में इसका फायदा यह है कि यह सामान्य कोशिकाओं को होने वाले नुक्सान को कम करते हैं। 
     
  • विकिरण चिकित्सा (Radiotherapy)
    अंडाशय के कैंसर के उपचार में यह प्रक्रिया कम प्रभावशाली मानी जाती है। इसका प्रयोग तब किया जा सकता है अगर प्रजनन प्रणाली में कैंसर के होने के संकेत मिलें या अग्रिम कैंसर के लक्षणों का उपचार करना हो। 

ओवेरियन कैंसर के जोखिम और जटिलताएं - Ovarian Cancer Risks & Complications in Hindi

ओवेरियन कैंसर के उपचार के लिए अपनाई गई तकनीकों के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। कीमोथेरेपी से होने वाली जटिलताएं निम्न हैं:
कीमोथेरेपी से सामान्य और स्वस्थ कोशिकाओं पर, जैसे लाल और सफ़ेद रक्त कोशिकाओं, और बालों के रोम छिद्रों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। 
दुष्प्रभावों की गंभीरता और प्रकार इस्तेमाल की जा रही दवा और मरीज़ की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। दुष्प्रभाव निम्न हो सकते हैं:

अधिकतर मामलों में उपचार पूरा हो जाने के बाद क्षतिग्रस्त स्वस्थ कोशिकाएं स्वयं ही ठीक हो जाती हैं।

ओवेरियन कैंसर में परहेज़ - What to avoid during Ovarian Cancer in Hindi?

क्या न खाएं:

ध्यान रखने योग्य अन्य बातें:

  • स्वस्थ आहार का सेवन करें। 
  • व्यायाम करें। आलस से परेशानी और गंभीर हो सकती है। 
  • मदिरा, धूम्रपान, तम्बाकू आदि का सेवन न करें। (जानिए - धूम्रपान छोड़ने के सरल तरीके)
  • तनाव से बचें। 

ओवेरियन कैंसर में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Ovarian Cancer in Hindi?

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ओवेरियन कैंसर की दवा - Medicines for Ovarian Cancer in Hindi

ओवेरियन कैंसर के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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