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परिचय:

नसों में सूजन को मेडिकल भाषा में “न्यूराइटिस” (Neuritis) कहा जाता है, इस स्थिति में एक नस में या अधिक नसों में सूजन आ जाती है। नसों में सूजन होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे नसों में चोट लगना या संक्रमण होना आदि, इसके अलावा किसी स्व प्रतिरक्षित रोग के कारण भी नसों में सूजन हो सकती है। नसों में सूजन मुख्य रूप से उन्हीं क्षेत्रों में होती है, जहां से नसें क्षतिग्रस्त होती हैं। सूजन से ग्रस्त नसों में झुनझुनी और दर्द भी महसूस होता है। अक्सर नसों में सूजन से होने वाला दर्द लगातार महसूस नहीं होता, यह बीच-बीच में कम या बंद होता रहता है और फिर से होने लग जाता है। 

नसों में सूजन होने से मांसपेशियों की कमजोरी​, सुन्न होना और झुनझुनी महसूस होने जैसे लक्षण होते हैं। ये लक्षण मुख्य रूप से शरीर के उन क्षेत्रों में महसूस होते हैं जहां पर प्रभावित नस सप्लाई करती है। नसों में सूजन का इलाज, उसके कारण के आधार पर किया जाता है। इसके इलाज में दवाएं, पोषक तत्वों के सप्लीमेंट्स और शारीरिक थेरेपी आदि शामिल हैं, कुछ गंभीर मामलों में ऑपरेशन भी किया जा सकता है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

  1. नसों की सूजन क्या है - What is Neuritis in Hindi
  2. नसों में सूजन के प्रकार - Types of Neuritis in Hindi
  3. नसों में सूजन के लक्षण - Neuritis Symptoms in Hindi
  4. नसों में सूजन के कारण व जोखिम कारक - Neuritis Causes & Risk Factors in Hindi
  5. नसों में सूजन से बचाव - Prevention of Neuritis in Hindi
  6. नसों में सूजन का परीक्षण - Diagnosis of Neuritis in Hindi
  7. नसों में सूजन का इलाज - Neuritis Treatment in Hindi
  8. नसों में सूजन की जटिलताएं - Neuritis Complications in Hindi
  9. नसों में सूजन में परहेज़ - What to avoid during Neuritis in Hindi?
  10. नसों में सूजन में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Neuritis in Hindi?
  11. नसों में सूजन की दवा - Medicines for Neuritis in Hindi

नसों की सूजन क्या है - What is Neuritis in Hindi

नसों की सूजन क्या है?

शरीर के अंदर की नसों में सूजन व लालिमा आने की स्थिति को नसों में सूजन या न्यूराइटिस कहा जाता है। ये नसें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर पाई जाती है। नसों का मुख्य कार्य मस्तिष्क से शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सिग्नल पहुंचाना होता है। जब इन नसों में सूजन आ जाती है, तो ये ठीक से अपना काम नहीं कर पाती।

(और पढ़ें - रीढ़ की हड्डी में दर्द का इलाज)

नसों में सूजन के प्रकार - Types of Neuritis in Hindi

नसों में सूजन कितने प्रकार की होती है?

न्यूराइटिस के दो मुख्य प्रकार हैं:

  • ऑप्टिक न्यूराइटिस
  • पेरिफेरल न्यूराइटिस इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी भी कहा जाता है

(और पढ़ें - नसों में दर्द का कारण)

नसों में सूजन के लक्षण - Neuritis Symptoms in Hindi

नसों में सूजन के लक्षण क्या हैं?

नसों में सूजन के लक्षण शुरुआत में धीरे-धीरे विकसित होते हैं। खासकर यदि आपको डायबिटीज मेलिटस या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो नसों की सूजन के लक्षण धीरे-धीरे ही विकसित होते हैं। (और पढ़ें - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)

कुछ प्रमुख लक्षण जो नसों की सूजन का संकेत देते हैं:

  • प्रभावित क्षेत्र में लगातार गुंजन महसूस होना।
  • प्रभावित क्षेत्र की त्वचा पतली पड़ जाना।
  • हाथ से बार-बार वस्तुएं छूटना। (यदि बाजू की नसों में सूजन है)
  • यदि सूजन चेहरे की नस में आई है, तो चेहरे का लकवा मारना भी एक लक्षण हो सकता है।
  • जब पैरों की संवेदिक नसों में सूजन आती है, तो मरीज को चलने के दौरान ऐसा महसूस होने लगता है जैसे कि वह रुई पर चल रहा है।
  • नसों में जलन महसूस होना और प्रभावित नस के क्षेत्र में तीव्र दर्द होना न्यूराइटिस का आम लक्षण होता हैं।
  • प्रभावित नस का क्षेत्र सुन्न होना, झुनझुनी या चुभन महसूस होना भी नसों की सूजन का सामान्य लक्षण है।
  • बाजू व टांग सुन्न होना।
  • जब नस प्रभावित होती है, तो उससे जुड़ी मांसपेशी की शक्ति भी प्रभावित हो जाती है। ऐसी स्थिति में नसें पूरी तरह से काम करना बंद कर देती हैं, जो लकवा का एक स्पष्ट रूप होता है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द के लक्षण)

नसों में सूजन के कारण व जोखिम कारक - Neuritis Causes & Risk Factors in Hindi

नसों में सूजन क्यों होती है?

नसों में सूजन का कारण उसके प्रकार पर निर्भर करता है। 

कुछ ऐसी स्थितियां हैं, जो शरीर की सभी नसों की बजाए एक ही नस को प्रभावित करती है, जिसे लोकेलाइज्ड न्यूराइटिस (Localized neuritis) कहा जाता है। एक ही नस को प्रभावित करने वाली स्थितियां जैसे:

ऐसी कुछ स्थितियां भी हैं, जो एक साथ कई नसों को प्रभावित करती हैं, जिसे पोलिन्यूराइटिस (Polyneuritis) कहा जाता है। जैसे:

नसों में सूजन होने का खतरा कब बढ़ जाता है?

  • हाइपोथायरायडिज्म
  • स्व प्रतिरक्षित रोग संबंधित स्थितियां
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं का लंबे समय से उपयोग करना (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने का तरीका)
  • हाइपरटेंशन
  • किसी प्रकार की चोट या मोच जैसी कोई स्थिति जिससे नसों पर दबाव पड़ता है, इन स्थितियों के कारण भी नसों में सूजन हो सकती है। (और पढ़ें - चोट का इलाज)
  • लंबे समय तक एसिडोसिस होने से भी आपकी नसों में सूजन हो सकती है। एसिडोसिस एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें आपके खून व शरीर के अन्य द्रवों में एसिड बनने लग जाता है।
  • रेडिएशन से होने वाली क्षति के परिणामस्वरूप भी नसों में सूजन हो सकती है। कैंसर आदि का इलाज करने के लिए रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है, जो कई बार नसों को क्षति पहुंचा देती है। 
  • डिप्थीरिया, टीबी और पारा विषाक्तता आदि के कारण होने वाले संक्रमण भी नसों की सूजन का कारण बन सकते हैं। (और पढ़ें - टीबी में परहेज)
  • शरीर में कुछ प्रकार के पोषक तत्वों की कमी होने पर भी नसों में सूजन आने लग सकती है। शरीर में विटामिन बी 12 की कमी होना एक गंभीर स्थिति होती है, जिसके कारण नसों में सूजन होने लग जाती है।
  • नस के आस-पास के किसी क्षेत्र में चोट लगने से वहां से विषाक्त पदार्थ निकलने लग जाता है, जिस कारण से नस क्षतिग्रस्त हो जाती है और उनमें सूजन होने लगती है।

(और पढ़ें - हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण)

नसों में सूजन से बचाव - Prevention of Neuritis in Hindi

नसों की सूजन की रोकथाम कैसे करें?

नसों की सूजन से बचाव करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं, जैसे:

(और पढ़ें - सिगरेट छोड़ने के घरेलू उपाय)

नसों में सूजन का परीक्षण - Diagnosis of Neuritis in Hindi

नसों में सूजन की जांच कैसे करें?

परीक्षण करने के लिए डॉक्टर मरीज की पिछली मेडिकल जानकारी लेंगे और मरीज के लक्षणों की जांच करेंगे। इस दौरान डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करते हैं, जिससे नसों में सूजन के कारण का पता लगाया जाता है। यदि आपके लक्षण अधिक गंभीर हैं, तो आपको तंत्रिका विज्ञानी (Neurologist) डॉक्टर के पास भी भेजा जा सकता है। (और पढ़ें - एसजीपीटी टेस्ट क्या है)

नसों की सूजन की जांच करने के लिए कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं:

  • खून की जांच:
    स्थिति का पता लगाने के लिए  कुछ प्रकार के खून टेस्ट करवाने की आवश्यकता पड़ सकती है, जो नसों की सूजन के संकेत दे सकते हैं। निम्न प्रकार के खून टेस्ट किए जा सकते हैं:
  • न्यूरोलॉजिकल टेस्ट
     
  • ईएमजी और नर्व कंडक्शन टेस्ट:
    प्रभावित नसों के इलेक्ट्रिक फंक्शन (विद्युत कार्यों) की जांच करने के लिए नर्व कंडक्शन टेस्ट और ईएमजी टेस्ट किए जाते हैं। इस टेस्ट की मदद से नसों के द्वारा भेजे गए सिग्नल की गति और शक्ति को मापा जाता है। प्रभावित नस की जगह का पता लगाने में भी यह टेस्ट मदद करता है। (और पढ़ें - यूरिन टेस्ट क्या है)
     
  • रेडियोलोजिकल टेस्ट:
    नसों की सूजन का पता लगाने के लिए  एमआरआई स्कैन, सीटी स्कैन और एक्स रे आदि जैसे टेस्ट भी किए जा सकते हैं। प्रभावित क्षेत्र के अनुसार इनमें से किसी एक टेस्ट का चुनाव किया जाता है। यदि नस के आस-पास कोई घाव या ट्यूमर बना हुआ है  या फिर नस पर दबाव पड़ा हुआ है, तो इन टेस्ट प्रक्रियाओं की मदद से उनका पता लगाया जा सकता है। (और पढ़ें - एचएसजी टेस्ट क्या है)
     
  • नसों की बायोप्सी: 
    बायोप्सी परीक्षण की पुष्टि करने के लिए किया जाने वाला एक आम टेस्ट है। इस टेस्ट प्रक्रिया में सेंपल के रूप में प्रभावित नस से एक छोटा सा टुकड़ा निकाल लिया जाता है और जांच करने के लिए उसे लेबोरेटरी भेज दिया जाता है।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट क्या है)

नसों में सूजन का इलाज - Neuritis Treatment in Hindi

नसों में सूजन का इलाज कैसे किया जाता है?

नसों की सूजन कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के परिणामस्वरूप होती है, इसलिए नसों की सूजन की बजाए इसका कारण बनने वाली स्थितियों का इलाज किया जाता है। 

प्रभावित नस के दर्द को कम करने के लिए कुछ प्रकार की दवाएं दी जाती है, हालांकि इन दवाओं को भी कुछ स्थितियों के अनुसार दिया जाता है, जैसे:

  • कम दर्द:
    यदि नसों में हल्का दर्द हो रहा है, तो इसे कम करने के लिए कुछ नॉन स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं दी जाती हैं, जैसे एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन या कोडाइन आदि।
     
  • मध्यम या गंभीर नसों का दर्द:
    ऐसी स्थिति में ओपीओइड्स एनाल्जेसिक दवाएं दी जाती हैं, जैसे ट्रामाडोल, हाइड्रोकोडोन या ऑक्सीकोडोन।
     
  • तीव्र दर्द:
    एेसे मामलों में कोर्टिकोस्टेराइड दवाएं दी जाती हैं। 
     
  • लंबे समय से होने वाला दर्द:
    इसमें दी जाने वाली दवाएं नस में सूजन की गंभीरता के अनुसार दी जाती हैं। इसमें दर्दनिवारक, मिर्गी की रोकथाम करने वाली या डिप्रेशन को कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं।​

कुछ प्रकार की दवाएं जैसे ड्यूलेक्सेटिन, प्रिगाबेलिन, एमीट्रिप्टीलिन, कार्बेमेजेपिन, कैप्सेइसिन और लिडोकेन आदि देने पर भी विचार किया जा सकता है।

ये दवाएं नस संबंधी समस्याओं को कम कर देती हैं और मस्तिष्क में दर्द का सिग्नल भेजने से भी नसों को रोकती हैं, जिससे हमको दर्द महसूस ही नहीं हो पाता।

अन्य उपचार विकल्प जैसे:

  • यदि नसों में सूजन आने का कारण तनाव है। मरीज को यदि लगातार तनाव है, तो उसकी नसों की सूजन भी ठीक नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में यह क्रोनिक न्यूराइटिस (लंबे समय तक नसों में सूजन रहना) बन जाती है।
  • यदि नसों की सूजन किसी साधारण सी समस्या के कारण हुई है, जैसे कि विटामिन की कमी तो विटामिन की खुराक देकर आसानी से इसका इलाज कर दिया जाता है।
  • बी ग्रुप के सभी विटामिन नसों की सूजन की रोकथाम करने और उसका इलाज करने में काफी लाभदायक पाए गए हैं। जब विटामिन बी1, बी2, बी6, बी12 और पैंटोथैनिक एसिड एक साथ दिए जाते हैं तो न्यूराइटिस जैसी समस्याओं में काफी सुधार हो जाता है।
  • नसों में सूजन के कारण हो रहे दर्द से आराम देने के लिए कुछ प्रकार की दर्द निवारक दवाएं भी दी जाती हैं, हालांकि ये दवाएं स्थायी रूप से नसों की सूजन का इलाज नहीं करती।
  • जिन लोगों को नसों में सूजन की समस्या है, उनको अपने आहार में साबुत अनाज, ब्राउन राइस, साबुत गेहूं, ताजा दूध, ओट्स, कच्चा पनीर और स्प्राउट बीन्स आदि शामिल कर लेना चाहिए।

(और पढ़ें - संतुलित आहार चार्ट)

नस में सूजन व लालिमा का इलाज करने के लिए ऑपरेशन:

यदि किसी भी प्रकार के इलाज से नसों की सूजन ठीक ना हो पाए, तो अंत में ऑपरेशन ही इलाज का आखिरी विकल्प बचता है। ऑपरेशन का इस्तेमाल आमतौर पर शारीरिक चोट लगने या नस दबने आदि जैसे मामलों में किया जाता है। कुछ मामलों में सर्जिकल डीनर्वेशन करने की आवश्यकता भी पड़ जाती है, इसमें सर्जरी की मदद से नस की सप्लाई को बंद कर दिया जाता है। 

लक्षणों में आराम करने के लिए कई प्रकार की थेरेपी भी की जा सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

डॉक्टर मरीज की पसंद और उसकी स्थिति की गंभीरता के अनुसार उसके लिए सबसे अच्छे इलाज विकल्प का चयन करते हैं। 

(और पढ़ें - थेरेपी क्या है)

नसों में सूजन की जटिलताएं - Neuritis Complications in Hindi

नसों में सूजन से क्या जटिलताएं होती हैं?

नसों में सूजन की समस्या कुछ समय तक भी रह सकती है या एक स्थायी समस्या भी बन सकती है।

नसों में सूजन का इलाज करने के लिए उपयोग की गई दवाएं प्रतिरक्षा प्रणाली को काबू में कर लेती हैं, जिसके कारण व्यक्ति में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा इन दवाओं से मूड बदलना या वजन बढ़ना जैसे साइड इफेक्ट भी होने लग जाते हैं। (और पढ़ें - प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने के उपाय)

यदि आंखों से संबंधित नसों में सूजन आ गई है, तो इससे देखने की क्षमता कम हो सकती है और कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति अंधा भी हो सकता है।

(और पढ़ें - अंधापन का इलाज)

नसों में सूजन में परहेज़ - What to avoid during Neuritis in Hindi?

नसों की सूजन में क्या परहेज करें?

यदि आपकी नसों में सूजन हो गई है, तो कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें:

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)

नसों में सूजन में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Neuritis in Hindi?

नसों में सूजन होने पर क्या खाना चाहिए?

यदि आपकी नसों में सूजन आ गई है, तो कुछ खाद्य पदार्थ आपके लिए लाभदायक हो सकते हैं:

  • छाछ
  • ताजी हरी सब्जियां
  • सूखे मेवे 
  • यदि आपके लंबे समय से नसों में सूजन की समस्या है, तो कुछ खाद्य पदार्थ आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जैसे गाजरनारियल और सोर मिल्क (दूध में सिरका मिलाना) आदि।
  • जिन लोगों की नसों में सूजन हो रही है, सोया उनके स्वास्थ्य पर एक अच्छा प्रभाव डालती है, इसलिए अपने भोजन में सोया व सोया के उत्पादों की मात्रा को बढ़ाएं। (और पढ़ें - सोयाबीन के फायदे)
  • साबुत अनाज की रोटियां (चोकर युक्त आटा)

(और पढ़ें - सोया मिल्क के फायदे)

नसों में सूजन की दवा - Medicines for Neuritis in Hindi

नसों में सूजन के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
G Neuro खरीदें
Pregeb M खरीदें
Pregalin खरीदें
Pregalin M खरीदें
Engaba खरीदें
Mecobion P खरीदें
Ezegalin खरीदें
Mecoblend P खरीदें
Gabacure खरीदें
Mecofort Pg खरीदें
Gabafit खरीदें
Gabanext खरीदें
Gablincad खरीदें
Mecorik Pg खरीदें
Jublin खरीदें
Neugabid खरीदें
Mepr खरीदें
Neugalin खरीदें
Mepreg खरीदें
Neurokem खरीदें
Methypreg खरीदें
Nuramed खरीदें
Met Neurobion P खरीदें
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