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हर्निया क्या है ?

जब एक मासपेशी या ऊतक में किसी छेद के माध्यम से अंदर का अंग उभरकर बाहर आने लगता है, उसे हर्निया कहते हैं। जैसे - आंत, पेट की अंदरूनी परत में किसी कमजोर जगह में छेद करके बाहर की तरफ उभरने लगे।

हार्निया आमतौर पर पेट में होता है लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभी और कमर के आस-पास भी हो सकता है। अधिकांश हर्निया घातक नहीं होते हैं, लेकिन यह अपने आप भी ठीक नहीं होते। कुछ परिस्थितियों में हर्निया की जटिलताओं से बचने के लिए सर्जरी करनी पड़ती है।

ऐसा हो सकता है कि आपको हर्निया का कोई भी लक्षण न हो, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि इससे आपको ज्यादा या कम दर्द हो। हर्निया का दर्द आपको आराम करते समय या कुछ खास गतिविधियों के दौरान हो सकता है, जैसे - चलने या दौड़ने पर।
हर्निया के उभरने पर उसमें मौजूद रक्तवाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हर्निया में खून की सप्लाई रुक सकती है। अगर पेट की अंदरूनी परत में हर्निया से खून की सप्लाई रुक जाती है, तो यह एक आपातकालीन स्थिति होती है क्योंकि ऊतक को खून के माध्यम से मिलने वाली ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।

  1. हर्निया के प्रकार - Types of Hernia in Hindi
  2. हर्निया के लक्षण - Hernia Symptoms in Hindi
  3. हर्निया के कारण - Hernia Causes in Hindi
  4. हर्निया से बचाव - Prevention of Hernia in Hindi
  5. हर्निया का परीक्षण - Diagnosis of Hernia in Hindi
  6. हर्निया का इलाज - Hernia Treatment in Hindi
  7. हर्निया के जोखिम और जटिलताएं - Hernia Risks & Complications in Hindi
  8. हर्निया की दवा - Medicines for Hernia in Hindi
  9. हर्निया की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Hernia in Hindi
  10. हर्निया के डॉक्टर

हर्निया के प्रकार - Types of Hernia in Hindi

हर्निया के प्रकार

ये हर्निया के सबसे सामान्य प्रकार हैं

इनगुइनल हर्निया - (Inguinal hernia)

इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia) सबसे सामान्य प्रकार का हर्निया है। "ब्रिटिश हर्निया सेंटर" के अनुसार 70% हर्निया के मामले इनगुइनल हर्निया ही होते हैं। यह तब होता है जब पेट के निचले हिस्से की परत में छेद या उसके एक कमज़ोर हिस्से से आंत उभर आती है। औमतौर पर ये हर्निया इनगुइनल कनैल (inguinal canal) अर्थात जांघ नलिका के आस-पास होता है।

यह महिलाओं की तुलना में पुरूषों में अधिक पाया जाता है। इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia) पुरूषों के ग्रोइन (Scrotum; पेट और जांघ के बीच का हिस्से) में पाया जाता है। ये वो जगह है, जहां शुक्राणु कॉर्ड पेट से अंडकोश (स्क्रोटम - scrotum) में प्रवेश करती है। ये कॉर्ड हमारे अंण्डकोष को उनके स्थान पर रखती है, जबकि महिलाओं में इनगुइनल कनैल (inguinal canal) गर्भाशय को उसके स्थान में बनाए रखने का काम करती है।

हाइटल हर्निया (Hiatal hernia)   

हाइटल हर्निया (Hiatal hernia) होने कि मुख्य वजह है, जब हमारे पेट का हिस्सा डायाफ्राम (diaphragm) के माध्यम से हमारे छाती के गुहा तक पहुंच जाता है। डायाफ्राम एक तरह की मांसपेशियों का आवरण होता है जो फेफड़ो के सांस खीचने में सहायक होता है। डायाफ्राम उन ऑर्गन को हमारे पेट से अलग रखता है जो हमारे छाती में होते हैं।

इस तरह का हर्निया आमतौर से 50 साल से अधिक उम्र वालों में ज़्यादा होता है। अगर बच्चों में इसके लक्षण पाए जाते हैं तो इसका मतलब है कि बच्चे में जन्म से ही कुछ दोष है। हाइटल हर्निया (Hiatal hernia) हमेशा गैस्ट्रोइसोफ़ेगल रिफ़्लक्स (Gastroesophageal reflux; GERD) पैदा करता है, जिसकी वजह से पेट की सामग्री का रिसाव भोजन नलिका में होने लगता है, जो पेट में जलन का करण बनता है।

अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical hernia)

अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical hernia) 6 माह से कम उम्र वाले बच्चों को हो सकता है। ये तब होता है जब आंत का उभार पेट की अंदरुनी परत के माध्यम से नाभी के पास पहुंच जाता है। आप उभार को बच्चे की नाभी के पास देख सकते हैं, ख़ासकर जब बच्चा रोता है।

अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical hernia) ही केवल एक ऐसा हार्निया है जो पेट की मांसपेशियां मज़बूत होने पर अपने आप से ठीक हो जाता है। अगर किसी परिस्थिति में बच्चा एक साल का हो जाता है और हर्निया ठीक नहीं हो पाता है, तो इसे ठीक करने के लिए सर्जरी का प्रयोग किया जाता है।

इंसिज़नल हर्निया (Incisional hernia)

इंसिज़नल हर्निया (Incisional hernia) पेट में सर्जरी होने के बाद इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है। हमारी आंत, सर्जरी के दौरान जो चीर-फाड़ की गई या उसके आस-पास की कमजोर जगह पर प्रभाव डालती है।

स्पोर्ट्स हर्निया (Sports hernia)

पेट के निचले हिस्से में व ग्रोइन (groin; पेट तथा जांघ के बीच का भाग) में तनाव से तथा किसी मुलायम ऊतक के फटने से स्पोर्ट्स हर्निया होता है। इसकी वजह से विभिन्न ऊतक प्रभावित होते हैं और ज़रूरी नहीं है कि एक हर्निया हो ही (यानी सिर्फ़ उतक फट सकता है, ज़रूरी नहीं कि कोई अंग उस से बाहर आए), इसलिए डॉक्टर इसके लिए “एथलेटिक पुबल्गिया” नाम प्रयोग करते हैं।

हर्निया के लक्षण - Hernia Symptoms in Hindi

हर्निया के लक्षण

हर्निया के लक्षण हर्निया के प्रकार पर निर्भर करता है

इनगुइनल हर्निया - (Inguinal hernia)

ग्रोइन में जहां इनगुइनल हर्निया विकास होता है, वहाँ पर उसका उभार महसूस होने लगता है। उस भाग में सूजन की वजह से जलन और दर्द की सनसनाहट महसूस होती है। अगर हर्निया भारी वजन उठानें के कारण हुआ हो तो तीव्र दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि कुछ लोगों को दर्द महसूस नहीं होता है।

परेशानी सबसे ज़्यादा तब होती है जब आंत का टुकड़ा या ओमेन्टम हर्निया की गुहा में फस जाता है। इसे अँग्रेज़ी में "इनकारसेरेटेड" (incarcerated) हर्निया कहते हैं (यानि आंत का एक टुकड़ा हर्निया की गुहा में प्रवेश करके उसमें अटक जाता है।) अगर आंत फूलने लग जाती है तो सर्जरी के हालात पैदा हो जाते हैं, क्योंकि इसकी वजह से रक्त की आपूर्ति रुक जाती है और हर्निया स्ट्रांगुलेटेड हो जाता है। जिस कारण से रोगी को दर्द, मतली और उल्टी हो सकती है। दर्द होने के साथ-साथ बुखार भी हो जाता है।

हाइटल हर्निया (Hiatal hernia)

हाइटल हार्निया खुद लक्षण पैदा नहीं करता मगर जब स्लाइडिग हर्निया होता है, तो पेट की सामग्री का अन्नप्रणाली में वितरण होने लग जाता है। गैस्ट्रोसोफेगल रिफ्लक्स (GERD) की वजह से सीने में दर्द और जलन, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और जलन, उल्टी, मतली और पेट से गले तक एसिड आने की वजह से गले में खट्टे स्वाद के महसूस होने जैसी समस्याएं होती हैं।

स्पोर्ट्स हर्निया (Sports hearnia)

स्पोर्ट्स हर्निया, ग्रोइन या पेट में ऊतक का फटने या उस पर असामान्य तनाव होता है। इससे प्रभावित अंग या उसके आस-पास के भाग में दर्द होता है। यह किसी भी मांसपेशी, नरम ऊतक और लिगमेंट में हो सकता है। 

हर्निया के कारण - Hernia Causes in Hindi

हर्निया के कारण

हर्निया जन्मजात भी हो सकता है या समय के साथ पेट की कमज़ोर दीवार या परत के हिस्से में विकसित हो सकता है। पेट की गुहा मे अधिक दबाव पड़ने से पेट की कमज़ोर हिस्से पर तवान पैदा हो सकता है, जिसकी वजह से हर्निया हो सकता है। 

हर्निया मांसपेशियों की कमज़ोरी व तवान दोनो के संयोजन से होता है। हर्निया कम समय में विकसित हो सकता है और कईं बार विकसित होने में लंबा समय भी ले लेता है - ये हर्निया होने के कारण पर निर्भर करता है।

मांसपेशियों के कमज़ोर होने के निम्न कारण हो सकते हैं -

  1. गर्भ के समय बच्चे की पेट की दीवार या परत का सही तरीक़े से विकसित ना हो पाना। यह एक जन्मजात दोष होता है।  
  2. बढ़ती उम्र।
  3. लंबे समय से खांसी से ग्रसित होना।
  4. चोट या सर्जरी की वजह से घाव।

कुछ कारक हैं जो आपके शरीर में तवान को और भी बढ़ा सकते हैं जिसकी वजह से हर्निया हो सकता है। ख़ासकर जब आपकी मांसपेशियां कमज़ोर हो तो और भी।

  1. गर्भावस्था के दौरान, जिसकी वजह से हमारे पेट में दबाव पड़ता है।
  2. कब्ज़ होने कि वजह से मल त्याग करते समय तनाव बढ़ जाता है।
  3. भारी वजन उठाना।
  4. पेट में द्रव्य या जलोदर।
  5. अचानक वजन में वृद्धि।
  6. लगातार खांसी या छीक आना।

हर्निया से बचाव - Prevention of Hernia in Hindi

हर्निया की रोक थाम

अम्बिलिकल हर्निया से बचाव मुमकिन नहीं है है। मगर दूसरे प्रकार के हर्निया के जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके लिए हमें पेट पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहिए जिसकी वजह से हमारे पेट के कमजोर हिस्सों पर दबाव ना पड़े। ऐसा करने के लिए निम्नलिखित बातों पर गौर करें -

  1. वजन नियंत्रित रखें।
  2. स्वस्थ आहार का सेवन करें और कब्ज़ से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें।
  3. मल त्याग और पेशाब के दौरान ज़्यादा ज़ोर लगाने से बचें।
  4. वजन उठाते समय सही तकनीक का प्रयोग करें, ख़ासकर जब भारी वस्तु उठानी हो तो। घर में, कामकाज की जगह में, खेल के दौरान - इन सब जगहों पर इस बात का ध्यान रखें।
  5. बार-बार आने वाली खांसी से बचने के लिए धूम्रपान करना बंद करें।
  6. अगर आपको लगातार खांसी आती हो तो तो डॉक्टर से मिलें और खाँसी का उपचार करवायें।
  7. यदि आप में हर्निया के शुरूआती लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से इसकी जाँच करवाएं और इसको बढ़ने से पहले इसका इलाज करवाएं।

हर्निया का परीक्षण - Diagnosis of Hernia in Hindi

हर्निया के निदान

इनकारसेरेटेड या स्ट्रांगुलेटेड हर्निया में प्रभावित आंत में परेशानी बढ़ जाती हैं, जिससे शरीर के लिए कईं चुनौतियां और आपात स्थिति पैदा हो जाती हैं। हर्नियां का पता लगाने के लिए डॉक्टर उल्टी, मल्ती और दर्द की शुरूआती जानकारी के बारे में जानने की कोशिश कर सकते हैं। शारीरिक परिक्षण के दौरान डॉक्टर पेट की कोमलता की जाँच करेगा जिससे हर्निया के नरम और कठोर होने का पता चल सकेगा। परिक्षण में इनकारसेरेटेड या स्ट्रांगुलेटेड हर्निया का संदेह होता है तो एक सर्जन के साथ इस बारे में बातचीत जरूर करें। इस स्थिती के निदान के लिए डॉक्टर एक्स-रे या सीटी स्कैन की मदद ले सकते हैं, हालांकि ये क्लिनिकल स्थिती पर भी निर्भर करता है।

इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia)

इनगुइनल हर्निया में ज्यादातर लोग अपनी ग्रोइन में दर्द तथा जलन के साथ सूजन (फूला हुआ) और गांठ महसूस करते हैं। पूर्ण शारीरिक परिक्षण के बाद इसके निदान की पुष्टी की जा सकती है। हालाँकि बार बार होने वाले इनगुइनल या श्रोणि दर्द (पेल्विक पेन) के लक्षण का निदान अगर शारीरिक परिक्षण से ना किया जा सके तो सीटी स्कैन (CT scan) की ज़रूरत पद सकती है।

अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical hernia)

अम्बिलिकल हर्निया का पता लगाना बेहद आसान होता है, क्योंकि नाभि के पास इसका उभार साफ तौर पर दिख जाता है।

हाइटल हर्निया (Hiatal hernia)

GERD (gastroesophageal reflux disease) के कारण होने वाले हाइटल हर्निया के निदान के लिए डॉक्टर मरीज से उसकी पिछली दवाईयों के बारे में जानकारी पूछेंगे, और शारीरिक परिक्षण भी कर सकते हैं। छाती के एक्स-रे की मदद से पेट के भीतरी अंगों की जानकारी ली जा सकती है, उसमें अगर अल्सर, खून बहना या भोजन नलिका में सूजन जैसे संकेत दिखते हैं तो गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट (एक विशेष डॉक्टर) को एंडस्कोपी करने की जरूरत पड़ सकती है।

हर्निया का इलाज - Hernia Treatment in Hindi

हर्निया के लिए उपचार के विकल्प

किसी रोगी को हर्निया के उपचार की ज़रूरत है या नहीं ये उसके हर्निया का आकार और उसके लक्षण की गंभीरता पर निर्भर करता है। डॉक्टर मरीज की हर्निया की जटिलता की निगरानी कर सकता है। हर्निया के लिए उपचार के विकल्प कई प्रकार से हो सकते हैं, जैसे जीवन शैली में बदलाव, दवाईयां और सर्जरी आदि हैं।

1. हर्निया के उपचार के लिए जीवन शैली में बदलाव

आहार में परिवर्तन करके हाइटल हर्निया के लक्षणों का उपचार किया जा सकता है। परंतु इससे हर्निया को हमेशा के लिए ख़त्म नहीं किया जा सकता। रोगी को भारी भोजन नहीं करना चाहिए, खाने के बाद झुकने और मुड़ने से भी बचें और अपने वजन को भी नियंत्रित रखना चाहिए।

अम्ल प्रतिवाह (एसिड रिफ्लक्स) व सीने में जलन पैदा करने वाली चीजें जैसे मासालेदार खाना, टमाटर से बना हुआ खाना इन सबका परहेज़ करके रोगी हर्निया के लक्षण में सुधार ला सकता है। इसके अलावा आप सिगरेट छोड़ कर और अपने वजन को नियंत्रित रख कर भी अम्ल प्रतिवाह (एसिड रिफ्लक्स) को कम कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपचार)

कुछ व्यायाम हर्निया के आस-पास कि मांसपेशियों को मज़बूत बनाने में सहायक हो सकते हैं। जिसकी वजह से हर्निया के लक्षणों को कम किया जा सकता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग़लत तरीक़े से किया गया व्यायाम या ग़लत व्यायाम हर्निया या उसके आस-पास के भागों में दवाब को बढ़ा सकता है, जो कि हर्निया के बढ़ने का कारण भी हो सकता है। आप जो भी व्यायाम करें उसे अपने डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करें। (और पढ़ें - व्यायाम के फायदे)

यदि इन सब से आराम नहीं मिल पा रहा है तो हर्निया को ठीक करने के लिए रोगी को सर्जरी की ज़रूरत हो सकती है। 

2. हर्निया के उपचार के लिए कुछ दवाईयां व तरीक़े

हाइटल हर्निया के मरीजों के लिए कुछ ऑवर-द-काउंटर मेडिसिन (बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली दवाईयां) उपलब्ध हैं जो पेट में अम्ल की मात्रा को कम करने में सहायक हैं। ये दवाईयां आपको हर्निया के लक्षणों राहत दे सकती हैं। इनमें एंटासिड्स, H-2 रिसेप्टर ब्लॉकर्स (H-2 receptor blockers) और प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI) शामिल हैं।

3. सर्जरी

अगर हर्निया बढ़ता जा रहा है और दर्द का कारण बन रहा है तो उसका निवारण करने के लिए आपके डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। सर्जरी के दौरान डॉक्टर, मरीज के पेट में प्रभावित जगह की सिलाई की जाती है। 

(और पढ़ें - अम्बिलिकल हर्निया सर्जरी)

ओपेन सर्जरी (Open surgery) या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic surgery) से हर्निया का इलाज किया जाता है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में बहुत छोटा कैमरा और छोटे उपकरण का प्रयोग करके सर्जरी की जाती है। इसके अलावा इस सर्जरी में एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है। ये सर्जरी ऊतक के आस-पास के लिए ज़्यादा हानिकारक नहीं होता है।

ऑपन सर्जरी के बाद रोगी को ठीक होने के लिए लंबे समय की जरूरत पड़ती है। हो सकता है 6 महीनों के लिए रोगी सामान्य रूप से घूम फिर न पाए। जबकी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को ठीक होने के लिए बहुत कम समय की ज़रूरत होती है, लेकिन इस सर्जरी में हर्निया के दोबारा होने की संभावना बढ़ जाती है।

साथ ही सभी प्रकार के हर्निया के इलाज के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी ठीक नहीं मानी जाती। जब आंत का कुछ भाग अण्डकोष में फंस जाता है, उसके लिए होने वाले हर्निया इलाज को लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के द्वारा करना बेहतर नहीं माना जाता। 

(और पढ़ें - इनगुइनल हर्निया सर्जरी)

हर्निया के जोखिम और जटिलताएं - Hernia Risks & Complications in Hindi

हर्निया के जोखिम के कारक

जब पेट के भीतरी हिस्सों में दबाव बढ़ता है तो पेट की अंदरुनी परत कमजोर पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे कुछ जोखिम कारकों में निन्म कारक शामिल है -

  1. लंबे समय से कब्ज़ से ग्रसित होना।
  2. लगातार खांसी से पीड़ित होना।
  3. लगातार उल्टी आना।
  4. अधिक वजन या मोटापे से ग्रसित होना।
  5. एस्काइटस (Ascites) (तरल पदार्थों का पेट के गुहा में असामान्य तरीक़े से जमा होना)।
  6. पेरिटोनियल डायलिसिस।
  7. पेट मे चर्बी इकट्ठा होना।
  8. गर्भावस्था।
  9. पेट की सर्जरी। (इनसीज़नल हर्निया अर्थात ऐसा हर्निया जिसकी वजह से पेट में दर्द, दबाव, सूजन और बुखार होता है, पेट की सर्जरी की वजह से इसके होने का जोखिम बढ़ जाता है)
  10. किसी भारी वस्तु को बार-बार उठाना या हिलाना।
  11. यदि किसी के परिवार में पहले से किसी को हर्निया हुआ है तो भी हर्निया होने का जोखिम बढ़ जाता है।
  12. धूम्रमान, जो कि लंबे समय से ग्रसित खांसी को और भी बढ़वा दे सकता है।

 

हर्निया की जटिलता निम्न है

हर्निया की मुख्य जटिलता तब उत्पन्न होती है जब एक आंत या वसायुक्त चर्बी का टुकड़ा हर्निया की थैली में फंस जाता है, और निकल नहीं पाता। ऐसे में सूजन और ऊतक में रक्त आपूर्ति बंद होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, और ऊतक मृत होने लगते हैं। इसको स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया कहा जाता है क्योंकि इसकी वजह से आंत के ऊतक रक्त की आपूर्ति के बिना मृत हो जाते हैं। स्ट्रैंगुलेटेड हर्निया में जीवन के लिए अत्यधिक खतरा बढ़ जाता है जिसको आपात मेडिकल देखभाल की जरूरत होती है।

अगर हर्निया ज्यादा बड़ा है और पेट में ज्यादा स्थान घेर लिया गया है तो अन्नप्रणाली (एसोफेगस) को छाती में विस्थापित किया जा सकता है। मगर यह भी स्थिती और शारीरिक रचना पर निर्भर करता है। पेट में मोड़ भी आ सकता है जिससे हैस्ट्रैंगुलेशन का ख़तरा बढ़ जाता है, और यह एक आपातकालीन सर्जिकल स्तिति बन जाती है।

Dr. Mahesh Kumar Gupta

Dr. Mahesh Kumar Gupta

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
11 वर्षों का अनुभव

Dr. Raajeev Hingorani

Dr. Raajeev Hingorani

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
9 वर्षों का अनुभव

Dr. Vineet Mishra

Dr. Vineet Mishra

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
8 वर्षों का अनुभव

Dr. Ankit Gangwar

Dr. Ankit Gangwar

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
3 वर्षों का अनुभव

हर्निया की दवा - Medicines for Hernia in Hindi

हर्निया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Rablet खरीदें
R Ppi Tablet खरीदें
Helirab खरीदें
Ocid खरीदें
Rabium खरीदें
Rantac खरीदें
Rekool Tablet खरीदें
Rabeloc खरीदें
Zinetac खरीदें
Aciloc खरीदें
Rablet D Capsule खरीदें
Omez खरीदें
Razo D खरीदें
Rekool D खरीदें
Razo खरीदें
Veloz D खरीदें
Erb Dsr खरीदें
Reden O खरीदें
Zadorab खरीदें
R T Dom खरीदें
Zebra खरीदें
Fast Dsr खरीदें
Aciflux खरीदें
Znr खरीदें
Cyra It खरीदें

हर्निया की ओटीसी दवा - OTC medicines for Hernia in Hindi

हर्निया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Vridhivadhika Bati खरीदें
Baidyanath Saptavinshati Guggulu खरीदें
Baidyanath Lauh Bhasma खरीदें

हर्निया से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल एक साल के ऊपर पहले

हर्निया का शिकार सबसे ज्यादा कौन हो सकता है?

Dr. Archana Asthana , {}

हर्निया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है फिर चाहे वह शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा सक्रिय हो या न हो। इसके बावजूद कुछ लोग हर्निया के तुलनात्मक रूप से ज्यादा शिकार होते हैं जैसे-

  • अगर आप पुरुष हैं क्योंकि उनमें कमर के क्षेत्र में प्राकृतिक कमजोरी होती है।
  • अगर आप 35 साल से ऊपर हैं, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ ऊतक और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
  • अगर जन्म के बाद से ही पेट की मांसपेशियां कमजोर हैं।
  • अगर किसी नजदीकी रिश्तेदार को हर्निया है।
  • अगर आप भारी सामान उठाने के आदी नहीं है, लेकिन अचानक हैवी वेट लिफ्टिंग करने लगे हैं।
  • अगर आप मोटे हैं क्योंकि इससे पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है।
  • अगर लगातार कब्ज बनी रहती है और मल त्यागते हुए तकलीफ हो।
  • अगर दुर्घटना या चोट लगने के कारण पेट की मांसपेशियों और संयोजी ऊतकों पर चोट लगी हो।
  • अगर आप बहुत ज्यादा धूम्रपान करते हैं, क्योंकि इससे उन एंजाइमों के उत्पादन की क्षमता प्रभावित होती है, जो कोशिका निर्माण और विकास को बढ़ावा देते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान जब शरीर ऐसे हार्मोन रिलीज करता है, जिससे पेट के दीवार फैलते हैं। दरअसल हार्मोन पेट की दीवारों पर पड़े दबाव का पूरी तरह मुकाबला नहीं कर पाते जिस वजह से हर्निया विकसित हो सकता है।
  • अगर दीर्घकालीन या स्थाई खांसी है, जिस वजह से पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे हर्निया हो सकता है।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

हर्निया होने पर क्या करें?

Dr. Nivedita Mule , {}

हर्निया होने पर सबसे पहले आप अपनी डाइट में बदलाव करें। हालांकि इससे हर्निया ठीक नहीं होता, लेकिन इससे ट्रीटमेंट की शुरुआत की जा सकती है। इसके अलावा अपनी जीवनशैली को संतुलित रखें, वजन बढ़ने न दें। इसके लिए कुछ एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। और हां, डाक्टर को दिखाना न भूलें। उनके कहे मुताबिक सही उपचार लें।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

हर्निया से होने वाले नुकसान क्या हैं?

Dr. Nivedita Mule , {}

अगर समय रहते हर्निया का इलाज नहीं किया गया तो इससे दर्द, असहजता तो बनी ही रहेगी, साथ ही आंत में अवरोध और गैंग्रीन या अवसाद जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

महिलाओं में हर्निया के लक्षण क्या हैँ?

Dr. Nivedita Mule , {}

महिलाओं में हर्निया के लक्षण पुरुषों द्वारा अनुभव किए गए लक्षणों से अलग हैं। महिलाओं के शरीर में हर्निया गहरे में होता है, जिस वजह से पुरुषों की तुलना में कम दिखाई देता है। यही वजह है कि महिलाओं का हर्निया का उपचार सही समय पर नहीं हो पाता। जिन महिलाओं को हर्निया होता है, उन्हें अकसर पैल्विक में तीव्र दर्द हेाता है, जो जल्द गुप्तांगों तक पहुंच जाता है। इस तरह के लक्षण की वजह से अकसर महिलाओं का इलाज भी गलत शुरू होता है। शुरू-शुरू में महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस से लेकर सिस्ट या फाइब्रॉएड जैसी बीमारियों का इलाज किया जाता है। 

References

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  3. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Hernia
  4. US Food and Drug Administration (FDA) [internet]; Hernia Surgical Mesh Implants: Information for Patients
  5. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Hernias
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