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कब्ज होने का मतलब है मलत्याग में परेशानी होना या मल का सामान्य से कम आना। कब्ज एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति का पाचन तंत्र खराब हो जाता है, जिसके कारण वह जो भी खाना खाता है उसे पचा नहीं पाता है। यह आमतौर पर गंभीर नहीं है।

कब्ज आँतों के परिवर्तन की वह स्थिति है, जिसमें मल निष्कासन की मात्रा कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी गति घट जाती है या मल निष्कासन के समय अधिक बल का प्रयोग करना पड़ता है। मल त्याग की गति हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है। लेकिन सप्ताह में 3 दिन से अधिक तक शौच ना जाना बहुत लंबा हो जाता है। ऐसे में कब्ज की  स्थिति बन जाती है जिसमें मल त्याग में मुश्किल और अधिक कठिनाई होने लगती है। 

  1. कब्ज के लक्षण - Constipation Symptoms in Hindi
  2. कब्ज के कारण - Constipation Causes in Hindi
  3. कब्ज से बचाव - Prevention of Constipation in Hindi
  4. कब्ज का परीक्षण - Diagnosis of Constipation in Hindi
  5. कब्ज का इलाज - Constipation Treatment in Hindi
  6. कब्ज की दवा - Medicines for Constipation in Hindi
  7. कब्ज की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Constipation in Hindi
  8. कब्ज के डॉक्टर

कब्ज के लक्षण - Constipation Symptoms in Hindi

कब्ज होने के संकेत व लक्षण कुछ इस प्रकार होते हैं:

  • कब्ज में मल सख्त हो जाता है जिसकी वजह से मलत्याग में अधिक बल लगाना पड़ता है।
  • कब्ज से पीड़ित लोग प्रतिदिन मलत्याग के लिए नहीं जाते हैं जिससे इनकी परेशानी बढ़ जाती है और मलत्याग में अधिक मुश्किल होती है।
  • ऐसे लोगों की जीभ सफेद या मटमैली हो जाती है और मुंह का स्वाद भी खराब हो जाता है। साथ ही मुंह से बदबू भी आने लगती है।
  • कब्ज के रोगियों को भूख नहीं लगती है, साथ ही मतली और उलटी की स्थिति बनी रहती है।
  • बाथरूम जाने के बाद अधूरे मल त्याग की भावना, पेट में सूजन या पेट दर्द आदि भी कब्ज के लक्षणों में आते हैं।

कब्ज के कारण - Constipation Causes in Hindi

कब्ज तब होती है जब कोलन बहुत अधिक पानी को अवशोषित करता है; यह तब हो सकता है जब कोलन की मांसपेशियां धीरे-धीरे संक्रमित हो जाती है, जिससे शरीर में पानी की कमी होती है और पानी की कमी से आँतो में मल सूखने लगता है जिससे मल त्याग में मुश्किल होती है।

  1. आहार में फाइबर की कमी है कब्ज का कारण - Lack of Fiber Cause Constipation in Hindi
  2. शारीरिक निष्क्रियता हैं कब्ज के कारण - Kabj ke Karan Physical Inactivity in Hindi
  3. कब्ज की समस्या की वजह है दवाईयाँ - Constipation Caused by Medication in Hindi
  4. डेयरी उत्पादों के अधिक सेवन से कब्ज - Constipation Caused by Milk in Hindi
  5. कॉन्स्टिपेशन इन प्रेगनेंसी - Constipation Related to Pregnancy in Hindi
  6. बढ़ती उम्र है कॉन्स्टिपेशन की वजह - Constipation Due to Aging in Hindi
  7. सामान्य रुटीन में बदलाव है कब्ज रोग - Change in Routine Causes Constipation in Hindi
  8. लैक्सेटिव का अधिक इस्तेमाल बढ़ाता है कब्ज का खतरा - Overuse of Laxatives Causing Constipation in Hindi
  9. समय पर शौच ना जाना भी है कब्ज की वजह - Delaying Bowel Movements Cause Constipation in Hindi
  10. निर्जलीकरण है कब्ज होने का कारण - Constipation Caused by Dehydration in Hindi
  11. बिमारियों के कारण भी होती है कब्ज - Constipation Related Diseases in Hindi

1) आहार में फाइबर की कमी है कब्ज का कारण - Lack of Fiber Cause Constipation in Hindi

जिन लोगों के आहार में फाइबर की अच्छी मात्रा शामिल है उनमें कब्ज से पीड़ित होने की संभावना काफी कम होती है।

फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर से समृद्ध पदार्थों का उपभोग करना महत्वपूर्ण होता है। फाइबर आँतो के कार्यों को बढ़ावा देता है और कब्ज को रोकता है। 

(और पढ़ें –कब्ज की समस्या में उपयोगी जूस की रेसिपी)

2) शारीरिक निष्क्रियता हैं कब्ज के कारण - Kabj ke Karan Physical Inactivity in Hindi

अगर कोई भी व्यक्ति शारीरिक रूप से निष्क्रिय होता है तो उसे कब्ज हो सकती है।

ऐसे व्यक्ति जिन्होनें लंबा समय (कई दिनों या हफ्तों के लिए) बिस्तर पर बिताया है तो उनमें कब्ज होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक गतिविधि हमारे चयापचय को उच्च रखती है, जिससे हमारे शरीर में प्रक्रियाएं अधिक तेजी से होती है।

बड़ों लोगों का युवाओं की तुलना में जीवन अधिक गतिहीन होता है और इसलिए कब्ज का खतरा उनमें अधिक होता है। शारीरिक रूप से सक्रिय लोगों को निष्क्रिय लोगों की तुलना में कब्ज होने की संभावना काफ़ी कम है।

3) कब्ज की समस्या की वजह है दवाईयाँ - Constipation Caused by Medication in Hindi

सबसे आम दवाएं जो कब्ज पैदा होने का कारण है :

नारकोटिक (Narcotic) दर्दनाशक दवाएं जिनमें कोडेन (codeine), ऑक्सीकोडोन (oxycodone) और हाइड्रोमोरफोन (hydromorphone) शामिल हैं।
एमीड्राप्टीलाइन (amitriptyline) और इपिपीरामिन (imipramine)।
एंटीकनवाल्केट्स जिनमें फेनोटोइन (phenytoin) और कार्बामाज़िपिन (carbamazepine) आइरन की खुराक शामिल होती है।
कैल्शियम चैनल ब्लॉकिंग दवाएं जिनमें डिलटिज़ेम (diltiazem) और निफाइडिपिन (nifedipine) शामिल हैं।

4) डेयरी उत्पादों के अधिक सेवन से कब्ज - Constipation Caused by Milk in Hindi

कुछ लोगों को दूध और डेयरी उत्पादों का अधिक उपभोग करने के बाद कब्ज़ हो सकती है।

5) कॉन्स्टिपेशन इन प्रेगनेंसी - Constipation Related to Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था हार्मोनल परिवर्तनों को लाती है जो कि एक महिला को कब्ज के प्रति अधिक अतिसंवेदनशील बना सकती हैं। इसके अलावा गर्भाशय आँतो को संकुचित कर सकता है जिससे भोजन मार्ग धीमा हो सकता है।

(और पढ़ें – गर्भावस्था के दौरान बिल्कुल ना खाएँ यह खाना)

6) बढ़ती उम्र है कॉन्स्टिपेशन की वजह - Constipation Due to Aging in Hindi

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारे चयापचय धीमा पड़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप आँतो की गतिविधि कम हो जाती है।

(और पढ़ें – अपनी त्वचा से उम्र के प्रभाव को दूर करने के तरीके)

7) सामान्य रुटीन में बदलाव है कब्ज रोग - Change in Routine Causes Constipation in Hindi

जब हम यात्रा करते हैं, तो हमारे सामान्य रुटीन में परिवर्तन होते हैं। जिसका हमारे पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ता है जिससे कभी-कभी कब्ज उत्पन्न होती है। समय पर भोजन ना करना, समय पर सोना या जागना आदि ये सभी परिवर्तन कब्ज के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। 

(और पढ़ें – दिन मेँ सोना अच्छा है या नहीं आयुर्वेद के अनुसार)

8) लैक्सेटिव का अधिक इस्तेमाल बढ़ाता है कब्ज का खतरा - Overuse of Laxatives Causing Constipation in Hindi

कुछ लोगों का मानना है कि हमें दिन में कम से कम एक बार शौचालय जाना चाहिए, लेकिन यह सच नहीं है। लेकिन एक बार शौचालय जाने के लिए कुछ लोग लैक्सेटिव का उपयोग करते हैं।

लैक्सेटिव आपकी आँतो के कार्यों में मदद करने के लिए प्रभावी होते है। हालांकि लैक्सेटिव का नियमित रूप से उपयोग शरीर इसका आदी बन जाता है जिससे धीरे धीरे खुराक को बढ़ाने की आवश्यकता होती है। लैक्सेटिव पर निर्भर हो जाने के बाद अगर अचानक से बंद कर दें तो कब्ज होने का खतरा बढ़ जाता है।

9) समय पर शौच ना जाना भी है कब्ज की वजह - Delaying Bowel Movements Cause Constipation in Hindi

जैसे ही मल का वेग (velocity) आता है तुरंत शौच के लिए जाना चाहिए। दिन के समय हमें अचानक मल का वेग आने लगता है उस समय हम अपने कार्य-स्थान में व्यस्त होने के कारण या किसी अन्य कारण से शौच के लिए नहीं जा पाते हैं। लंबे समय तक देरी की वजह से मल सूखने लगता है जिससे बाद में मल त्याग के समय मुश्किल होती है। (और पढ़ें – अमरूद खाने के लाभ देते हैं कब्ज से राहत)

10) निर्जलीकरण है कब्ज होने का कारण - Constipation Caused by Dehydration in Hindi

यदि कब्ज पहले ही मौजूद है, तो अधिक तरल पदार्थ पीने से इससे राहत नहीं मिल सकती है। हालांकि, नियमित रूप से भरपूर पानी पीने से कब्ज का खतरा कम होता है।

कई सोडा और पेय में कैफीन होता है जो निर्जलीकरण पैदा कर सकते हैं जिससे कब्ज ओर अधिक बिगड़ सकता है। शराब भी शरीर को डिहाइड्रेट करता है इसलिए उन व्यक्तियों को शराब के सेवन से बचना चाहिए जो कब्ज के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। (और पढ़ें – नारियल पानी बेनिफिट्स बचाएं निर्जलीकरण से)

11) बिमारियों के कारण भी होती है कब्ज - Constipation Related Diseases in Hindi

कोलन, मलाशय या गुदा के माध्यम से मल के कार्यों को धीमा करने वाले रोग कब्ज पैदा कर सकते हैं:

जो लोग इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आईबीएस) से पीड़ित होते हैं, उनको दूसरों की तुलना में अधिक बार कब्ज होती है।

तंत्रिका संबंधी विकार - एमएस (मल्टीपल स्केलेरोसिस), पार्किंसंस रोग, स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोट

एनडोक्राइन और मेटबॉलिक कंडीशन्स - यूरिमिया, मधुमेह, हाइपरलकसेमिया, खराब ग्लाइसेमिक नियंत्रण, हाइपोथायरायडिज्म

सिस्टेमिक डिसीज - ये ऐसे रोग हैं जो कई अंगों और ऊतकों को प्रभावित करते हैं या पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं, इनमें लूपस, स्केलेरोद्मा (scleroderma), अमाइलॉइडिसिस (amyloidosis) शामिल हैं।

कैंसर - मुख्य रूप से दर्द वाली दवाओं और कीमोथेरेपी के कारण। 

(और पढ़ें – कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

कब्ज से बचाव - Prevention of Constipation in Hindi

यह बहुत दर्दनाक होता है जब मल आपकी आंतो में फंस जाता है और आपकी हर कोशिका को मल बाहर निकालने के लिए बहुत अधिक ज़ोर और ऊर्जा लगानी पड़ती है। और कभी-कभी बहुत दबाव डालने के बाद भी मल नहीं निकलता है। लेकिन अब आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, बस आप अपनी आहार और जीवन शैली में परिवर्तन करके कब्ज का स्थायी समाधान कर सकते हैं।

  1. कब्ज से छुटकारा पाने के लिए आहार - Diet Plan for Constipation in Hindi
  2. कब्ज दूर करें व्यायाम से - Exercise Helps in Constipation in Hindi
  3. कब्ज से बचने के लिए रात में देर तक जागने से बचें - Change Sleeping Habits for Constipation in Hindi

1. कब्ज से छुटकारा पाने के लिए आहार - Diet Plan for Constipation in Hindi

कब्ज एक पाचन विकार है और कब्ज के इलाज और रोकथाम के लिए, आहार मुख्य भूमिका निभाता है। नियमित आधार पर पौष्टिक आहार लेने से कब्ज की समस्या को कम या पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है।

कब्ज मिटाने का उपाय है ताजी सब्जियों और फलों का सेवन - Foods to Eat in Constipation in Hindi

अपने आहार में फाइबर का सेवन बढ़ाएं और अपने आप को हाइड्रेटेड रखें। कोलन की सफाई के लिए प्रति दिन 8-10 गिलास पानी पिएं। अपने पाचन तंत्र को समर्थन देने के लिए केवल आसानी से पचने वाला भोजन खाएं। अपने आहार में ताजी सब्जियों और फलों को शामिल करें। अमरूद, संतरे, सेब, पालक, मशरूम, गोभी, मूली आदि कब्ज में बहुत फायदेमंद होते हैं। सलाद को अपने भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं। अपने भोजन में जीरा,हल्दी और अजवाइन जैसे मसालों को मिलाएँ।

कब्ज दूर करने के लिए बचें मैदा उत्पादो से - Foods to Avoid in Constipation in Hindi

मैदा उत्पादो के सेवन से बचें क्योंकि मैदा से बनने वाले उत्पाद आपकी कब्ज को ओर अधिक खराब कर देते हैं। अधिक तेल, मसालेदार और भारी मीट खाने से बचें। अपने आहार से कॉफी, शराब और ठंडे पेय को हटा दें। पैस्चराइज़्ड दूध और रेफाइंड स्टार्च कब्ज को बढ़ाता है, इसलिए इनसे बचें। दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन कम करें। (और पढ़ें : शरीर में पानी की कमी को दूर करने के उपाय)

2. कब्ज दूर करें व्यायाम से - Exercise Helps in Constipation in Hindi

कब्ज को दूर करने के लिए व्यायाम करना भोजन के जितना ही महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक बैठने से बचें और थोड़ा घूमे फिरे। पवन मुक्तासन, धनुरासन, वज्रासना जैसे योगाभ्यास कब्ज के मामले में चमत्कार कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - जानिये व्यायाम छोड़ने का क्या होता है आपके शरीर का प्रभाव)

3. कब्ज से बचने के लिए रात में देर तक जागने से बचें - Change Sleeping Habits for Constipation in Hindi

सुबह जल्दी उठे और सैर पर जाएँ। रात में देर तक जागने से बचें और सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी पिएं। सुबह में ही शौच जाने की आदत डालें। शौच जाने की इच्छा को लंबे समय तक ना दबाए नहीं तो यह भी कब्ज का कारण बन सकती है। (और पढ़ें - सुबह जल्दी उठाने के फ़ायदें) 

कब्ज को आसानी से आहार और जीवन शैली में परिवर्तन करके रोका जा सकता है। इन परिवर्तनों को अपने जीवन में अपनाएं और कब्ज के खिलाफ अपने पाचन तंत्र के संघर्ष को कम करें। (और पढ़ें - गर्म पानी पीने के फ़ायदें)

कब्ज का परीक्षण - Diagnosis of Constipation in Hindi

किन परीक्षणों से सख्त कब्ज़ का निदान होता है?

मेडिकल इतिहास - सख्त कब्ज़ को जांचने के लिए बहुत तरह के निदान उपलब्ध है। पहले डॉक्टर आपकी मेडिकल इतिहास लेंगे और शारीरिक परिक्षण करेंगे जिससे उन्हें यह पता चल सके कि आपको किस तरह की कब्ज़ है।

शारीरिक परिक्षण - शारीरिक परिक्षण से उन बिमारियों के बारे में पता चल सकता है जिससे कब्ज़ हुई है।

और कई तरह के परिक्षण उन लोगों के लिए उपलब्ध है जिनका किसी भी तरह के इलाज से कोई भी फर्क नहीं पड़ा। जैसे कि -

  • खून की जांच - खून की जांच से भी आपकी स्थिति के बारे में पता चल सकता है। अधिक विशेष रूप से, खून की जांच थायराइड हार्मोन और कैल्शियम की करने में मदद मिलेगी। (और पढ़ें - महिलाओं में थायराइड लक्षण)
  • पेट का  एक्स-रे करना - पेट का एक्स-रे कराने से आपके पेट में मौजूद पदार्थ के बारे में पता चलता है, जितना कठोर कब्ज़ होगा उतना ज़्यादा वह एक्स-रे पर दिखाई देगा।
  • बेरियम एनीमा (Barium enema) - इससे यह पता लगाता है कि आंत्र और मलाशय ठीक तरह से काम कर रहे है या नहीं।
  • कोलोनिक्स पारगमन अध्ययन (Colonic transit (marker) studies) - कोलोनिक्स पारगमन अध्ययन सरल अध्ययन होते हैं। जिसमें यह पता लगा जाता है कि खाना आंत्र से बाहर आने में कितना समय ले रहा है।
  • डेफिकोग्र्राफी (Defecography) - डेफिकोग्र्राफी बेरियम एनीमा परिक्षण का उपांतरण है।
  • एनोरेक्टल गतिशीलता का अध्ययन (Ano-rectal motility studies) - एनोरेक्टल गतिशीलता अध्ययन डेफिकोग्र्राफी का पूरक है, जो गूदे और मलाशय की नस और मांसपेशियों के कार्य के निर्धारण के बारे में बताता है।
  • चुंबकीय अनुनाद  इमेजिंग  डेफिकोग्र्राफी (Magnetic resonance imaging defecography) - मल त्यागने की गतिविधि का अध्ययन करने के लिए यह बहुत बढ़िया तरीका है ।

कब्ज का इलाज - Constipation Treatment in Hindi

कब्ज़ का उपचार कैसे करें?

लम्बे समय से रहने वाली कब्ज़ का इलाज अक्सर आहार और जीवन शैली में परिवर्तन करने से होता है। जिससे कि कब्ज़ ठीक हो सकें। अगर इन परिवर्तनों से मदद नहीं मिलती, तब डॉक्टर दवाइयां लेने के लिए कहेंगे।और अगर दवाइयों से भी फर्क नहीं पड़ता तो सर्जरी द्वारा कब्ज़ का इलाज किया जाता है।

  1. आहार और जीवन शैली में परिवर्तन  - डॉक्टर निम्नलिखित परिवर्तन करने की सलाह देंगे जिससे कब्ज़ में आराम मिले -

    • आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाना - आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाने से मल का वजन बढ़ जायेगा जिससे कब्ज़ की समस्या ठीक हो जाएगी।
    • व्यायाम करना - शारीरिक गतिविधि हमारे आंत्र की मांसपेशियों की गतिविधि को बढ़ाती है। जितना हो सके उतना रोज़ व्यायाम करने की कोशिश करें।
    • मल रोकना - खुदको मल त्यागने से न रोके।
  2. जुलाब - बहुत तरीकों के जुलाब मौजूद है। हर जुलाब मल त्यागने को आसान बनाने के लिए अलग अलग तरीकों से काम करता है। निम्लिखित विकल्प ओवर द काउंटर मौजूद रहते हैं -

    • फाइबर युक्त जुलाब (Fiber supplement)- फाइबर मल को भारी कर देता है।

    • ऑस्मोटिक जुलाब (Osmotics) - ऑस्मोटिक जुलाब तरल पदार्थ को पेट से बाहर आने में मदद करता है।

    • स्नेहक जुलाब (Lubricant) - स्नेहक जैसे कि खनिज तेल मल को पेट से बाहर निकालने में सहायता देता है।

    • मल को नर्म करने वाले जुलाब (stool softeners) - मल को नर्म करना जैसे कि डोक्यूसेट सोडियम (कोलेस) docusate sodium (Colace) आंत्र से पानी निकालकर मल को गिला कर देता है।

    • एनिमा और सपोजिटरी जुलाब  (suppositories) -  सोडियम फॉस्फेट (फ्लीट) Sodium phosphate (Fleet), से मल नर्म हो जाता है। और मल त्यागने के लिए त्यार कर देता है। ग्लिसरीन से भी मल नर्म हो जाता है।

  3. पेल्विक मांसपेशियों वाले व्यायाम करना - डॉक्टर पेल्विक मांसपेशियों के व्यायाम करवाते हैं, जिससे हमारी पेल्विस की मांसपेशी मजबूत होती है और मल त्यागना आसान हो जाता है।

  4. सर्जरी - जिन लोगों का बाकी सब इलाजों से भी कब्ज़ में फर्क नहीं पड़ा। उनके पास सर्जरी द्वारा पेट का हिस्सा निकालने का विकल्प बचता है। पूरे पेट को सर्जरी द्वारा निकालने की आवश्यकता शायद ही कभी होती है।

  5. वैकल्पिक दवाई - कुछ लोग दवाइयों के साथ-साथ वैकल्पिक उपचार भी करते हैं, जिससे की उनका कब्ज़ ठीक हो सके। प्रोबायोटिक जैसे कि लैक्टोबैसिलस के इस्तेमाल से भी कब्ज़ में आराम मिल सकता है।   

Dr.Priyanka Trimukhe

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कब्ज की दवा - Medicines for Constipation in Hindi

कब्ज के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Gelusil Mps खरीदें
Digene खरीदें
Duphalac खरीदें
Cremaffin खरीदें
Softdrops खरीदें
Freego खरीदें
Aristozyme खरीदें
Normalax खरीदें
ADEL 28 खरीदें
Novalax खरीदें
Oslax खरीदें
SBL Arnica Montana Hair Oil खरीदें
Schwabe Sabal Pentarkan खरीदें
Piclin खरीदें
Arnica Montana Herbal Shampoo खरीदें
Picolax(Sp Pharma) खरीदें

कब्ज की ओटीसी दवा - OTC medicines for Constipation in Hindi

कब्ज के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Himalaya Triphala Syrup खरीदें
Baidyanath Amar Sundari Vati खरीदें
Zandu Pancharishta खरीदें
Himalaya Triphala Tablet खरीदें
Dabur Erand Tail (Castor Oil) खरीदें
Dabur Lavan Bhaskar खरीदें
Baidyanath Sundri Sakhi खरीदें
Baidyanath Bolbaddh Ras खरीदें
Baidyanath Hingwashtak Churna खरीदें
Dabur Nature Care Isabgol Power खरीदें
Patanjali Bel Candy खरीदें
Baidyanath Amlapittantak Syrup खरीदें
Divya Amalki Rasayan खरीदें
 Baidyanath Ashwakanchuki Ras खरीदें
Baidyanath Kabja Har खरीदें
Dabur Laxirid Tablets खरीदें
Hamdard Naunehal Gripe Syrup खरीदें
Baidyanath Kumariasava खरीदें
Baidyanath Draksharishta खरीदें

References

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Constipation .
  2. Stanford Health Care [Internet]. Stanford Medicine, Stanford University; Constipation Causes
  3. National Health Service [Internet]. UK; Laxatives.
  4. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Constipation
  5. Stanford Health Care [Internet]. Stanford Medicine, Stanford University; Complications of Constipation
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