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डैश यानी डाइटरी अप्रोचेस टू स्टाॅप हाइपरटेंशन। यह डाइट खासकर हाई बीपी के मरीजों के लिए डिजाइन की गई है। इस डाइट के जरिए बिना दवाई लिए भी हाई बीपी के मरीज अपने बीपी को संतुलित रख सकते है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ द्वारा यह डाइट डिजाइन की गई है। बहरहाल डैश डाइट का मकसद हाई बीपी के मरीजों के आहार से सोडियम की कटौती करना और पोषक तत्वों जैसे पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा को बढ़ाना है। इस तरह की डाइट के जरिए मरीज महज दो हफ्तों में अपने बीपी को कम कर सकता है। लेकिन इसके कुछ बिंदुओं को जहन में रखना आवश्यक है। चूंकि डैश डाइट खाना खाने का स्वस्थ तरीका है, इसके बीपी को कम करने के साथ-साथ अन्य फायदे भी हैं। इसके अतिरिक्त डैश डाइट के जरिए आप ऑस्टियोपोरोसिस, कैंसर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और डायबिटीज में भी सहायक है।

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ब्लड प्रेशर कम कैसे होता है

सामान्यतः ब्लड प्रेशर दो तरह से मापा जाता है, सिस्टोलिक प्रेशर और डायस्टोलिक प्रेशर। एक वयस्क व्यक्ति में सिस्टोलिक प्रेशर 120 एमएम एचजी और डायस्टोलिक प्रेशर 80 एमएमएचजी होता है। डैश डाइट न सिर्फ हाई बीपी के मरीजों के बीपी को कम करता है अपितु सामान्य लोगों के बीपी को भी असामान्य तरीके से कम कर देता है। डैश डाइट पर हुए अध्ययनों से पता चला कि जिन लोगों ने इस डाइट को अपनाया था, उनका वजन कम न होने के बावजूद और नमक का सेवन कम न करने के बावजूद अब तक बीपी कम है। हालांकि सोडियम की कमी के बावजूद डौश डाइट बीपी को कम करता है। यहां तक कि बीपी के जो मरीज बहुत कम नम लेते हैं, उनमें भी यह डाइट असरकारक है।

हाई बीपी के मरीजों डैशज सिस्टोलिक बीपी को औसतन 12 एमएमएचजी और डायस्टोलिक बीपी को 5 एमएमएचजी तक कम करता है। सामान्य लोगों में डैश डाइट औसतन 4 एमएमएचजी सिस्टोलिक बीपी और 2 एमएमएचजी डायस्टोलिक बीपी कम करता है। बीपी को कम करने के बावजूद ध्यान रखें कि डैश डाइट हृदय रोग की आशंकाओं को कम नहीं करता है।

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कैसे करें डैश डाइट की शुरूआत

डैश डाइट वास्तव में अलग-अलग तरह के आहार को एक समूह में शामिल करना है। निश्चित रूप से हर व्यक्ति के पोषक तत्वों की जरूरत अलग होती है। यह पूर्णतया इस बात पर निर्भर करता है कि आपको एक दिन में कितनी कैलोरी चाहिए। इसमें आप बदलाव भी कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर समझें। प्रतिदिन सोडयम का 2400 मिलिग्राम (लगभग 1 चम्मच) लें। जैसे ही आपका शरीर एक चम्मच नमक का अभ्यस्त हो जाए, इसके बाद इसमें और कटौती कर नमक की मात्रा 1500 मिलिग्राम यानी 2/3 चम्मच करें। ध्यान रखें कि इसमें वो सभी सोडियम गिने जाते हैं, जो आप अन्य खाद्य पदार्थोें के जरिए लेते हैं।

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डैश डाइट के टिप्स

  • लंच और डिनर में सब्जियां जरूर शामिल करें
  • स्नैक्स के तौर पर फल खाएं। सूखे फल खा सकते हैं, लेकिन इसमें मौजूद अतिरिक्त शुगर शामिल न करें।
  • कम वसा या वसा रहित मसालों का इस्तेमाल करें।
  • कम वसा युक्त या वसा रहित दुग्ध पदार्थों का सेवन करें।
  • एक दिन में 6 औंस तक मांसाहार ही लें। अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा सब्जियों को शामिल करना बेहतर है।
  • अपनी डाइट में सूखे बीन्स जरूर रखें।
  • चिप्स, मिठाई, नट्स को स्नैक्स के तौर पर खाने के बजाय फ्रोजन योगर्ट, नमक रहित पॉपकॉर्न और कच्ची सब्जियों का सेवन करें।
  • किसी भी खाद्य पदार्थ को चुनते वक्त उसमें मौजूद सोडियम की मात्रा जरूर चेक करें।
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