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कमर दर्द (पीठ दर्द)

कमर दर्द बहुत आम है और आमतौर पर कुछ हफ्तों या महीनों में बेहतर हो जाता है।

कमर दर्द में आमतौर पर पीठ में दर्द, खिंचाव या अकड़न महसूस होती है। यद्यपि कमर दर्द कष्टकारक और असहज हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर गंभीर नहीं होता है।

कमर दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिनमें अचानक की जाने वाली कोई गतिविधि या गिरना, चोट या चिकित्सकीय स्थिति शामिल हैं। दर्द सामान्य रूप से हड्डियों, डिस्क, नसों, मांसपेशियों और स्नायुबंधन (ligaments) द्वारा मिलकर की जाने वाली गतिविधियों के तरीके पर निर्भर करता है।

ज्यादातर लोग अपने जीवन में कभी ना कभी कमर दर्द का अनुभव करते हैं। यह 35 और 55 वर्ष के बीच की आयु वर्ग के वयस्कों में मुख्य रूप से आम है। 

यदि आप कमर दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी गतिविधियों को बहुत ज्यादा सीमित न करें। यहां तक कि अगर आपकी कमर में बहुत दर्द हो रहा हो, तब भी धीरे-धीरे काम करना बिस्तर पर सीधे लेटे रहने से बेहतर है। यदि आप अपनी कमर को हिलाते डुलाते रहेंगे, तो यह अधिक लचीली हो जाएगी। 

बार-बार होने वाले कमर दर्द को रोकने या राहत देने के लिए कई उपाय उपलब्ध हैं। यदि रोकथाम से कोई फायदा नहीं मिलता है, तो सरल घरेलू उपचार और उचित शारीरिक प्रक्रिया अक्सर कुछ हफ्तों के भीतर आपके कमर दर्द में राहत दिला देंगे और इसे लंबे समय तक ठीक रखेंगे। बहुत दुर्लभ मामलों में ही कमर दर्द का इलाज करने के लिए शल्य चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है।

  1. कमर दर्द (पीठ दर्द) के लक्षण - Back Pain Symptoms in Hindi
  2. कमर दर्द (पीठ दर्द) के कारण - Back Pain Causes in Hindi
  3. कमर दर्द (पीठ दर्द) से बचाव - Prevention of Back Pain in Hindi
  4. कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण - Diagnosis of Back Pain in Hindi
  5. कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज - Back Pain Treatment in Hindi
  6. कमर दर्द (पीठ दर्द) के जोखिम और जटिलताएं - Back Pain Risks & Complications in Hindi
  7. कमर दर्द (पीठ दर्द) में परहेज़ - What to avoid during Back Pain in Hindi?
  8. कमर दर्द (पीठ दर्द) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Back Pain in Hindi?
  9. कमर दर्द (पीठ दर्द) की दवा - Medicines for Back Pain in Hindi
  10. कमर दर्द (पीठ दर्द) की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Back Pain in Hindi
  11. कमर दर्द (पीठ दर्द) के डॉक्टर

कमर दर्द (पीठ दर्द) के लक्षण - Back Pain Symptoms in Hindi

कमर दर्द के संकेत और लक्षण

लक्षण वो होता है जो मरीज स्वयं महसूस करता है और उसकी जानकारी देता है, जबकि संकेत अन्य व्यक्तियों, जैसे डॉक्टर द्वारा पता लगाया जाता है। उदाहरण के लिए दर्द एक लक्षण हो सकता है, जबकि चकत्ते को संकेत कहा जा सकता है।  

जैसा कि नाम से पता चलता है, कमर दर्द का मुख्य लक्षण कमर में कहीं भी होने वाला दर्द या पीड़ा है। कभी-कभी यह नितंबों और पैरों तक भी पहुँच जाता है। पीठ से सम्बन्धित कुछ समस्याएं शरीर के अन्य भागों में दर्द का कारण बन सकती हैं, जो प्रभावित तंत्रिकाओं पर निर्भर करता है। 

ज्यादातर मामलों में, संकेत और लक्षण थोड़े समय के भीतर अपने आप ठीक हो जाते हैं।

अगर कमर दर्द के साथ निम्नलिखित में से कोई संकेत या लक्षण दिखाई देते हैं, तो व्यक्ति को अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए –

  1. वजन घटना।
  2. शरीर का तापमान बढ़ना (और पढ़ें - बुखार)।
  3. कमर पर सूजन। 
  4. कमर में लगातार दर्द होना – और लेटना या आराम करना मदद नहीं करता।
  5. दर्द का कमर से पैरों तक जाना।
  6. दर्द का घुटनों के नीचे तक पहुंचना। 
  7. हाल ही में कमर पर लगी चोट, झटका या आघात।
  8. मूत्र असंयम – आप अनजाने में पेशाब करते हैं (यहां तक कि कम मात्रा में)।
  9. पेशाब करने में कठिनाई – मूत्र बाहर आने में परेशानी होती है।   
  10. मल असंयम – आप अपनी आँतों पर नियंत्रण खो देते हैं (आप अनजाने में मल त्याग देते हैं)।
  11. जननांगों के आसपास सुन्नता हो जाना। 
  12. गुदा के चारों ओर सुन्नता हो जाना । 
  13. नितंबों के आसपास का स्थान सुन्न हो जाना। 

कमर दर्द का अनुभव करने वाले लोगों के निम्न समूहों को चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए –

  1. 20 वर्ष से कम और 55 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग।
  2. जो मरीज़ कुछ महीनों के लिए स्टेरॉयड ले रहे हैं।
  3. नशीली दवाओं का अधिक मात्रा में सेवन करने वाले लोग। 
  4. कैंसर से पीड़ित मरीज़।
  5. जिन रोगियों को कैंसर रह चुका है। 
  6. कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीज़। 

कमर दर्द (पीठ दर्द) के कारण - Back Pain Causes in Hindi

कमर दर्द के कारण

मनुष्य की कमर मांसपेशियों, स्नायुबंधन, नसों, डिस्क और हड्डियों की एक जटिल संरचना से बनी है। हमारे रीढ़ की हड्डी के खण्डों को डिस्क द्वारा जोड़ा जाता है। इन घटकों में से किसी के साथ भी होने वाली समस्या से कमर दर्द हो सकता है। कमर दर्द के कुछ मामलों में, इसका कारण कभी पता नहीं चल पाता।

खिंचाव – कमर दर्द के सबसे सामान्य कारण हैं –

  1. मांसपेशियों में खिंचाव 
  2. तनावपूर्ण स्नायुबंधन
  3. मांसपेशी में ऐंठन

जो चीजें खिंचाव या ऐंठन पैदा कर सकती हैं, उनमें शामिल हैं –

  1. किसी वस्तु को अनुचित तरीके से उठाना
  2. बहुत भारी सामान उठाना 
  3. बेढंगी और अचानक की जाने वाली गतिविधि 

संरचनात्मक समस्याएं – निम्न संरचनात्मक समस्याएं भी कमर दर्द का कारण बन सकती हैं –

  1. विच्छेदित डिस्क – हमारी रीढ़ की हड्डी मे मौजूद प्रत्येक कशेरुका (vertebra) डिस्क द्वारा जुडी हुई होती है। यदि डिस्क टूट जाती है तो तंत्रिका पर अधिक दबाव पड़ेगा, जिसके परिणामस्वरूप कमर दर्द हो जायेगा।
  2. डिस्क में उभार – टूटी हुई डिस्क की तरह ही एक उभरी हुई डिस्क तंत्रिका पर अधिक दबाव डाल सकती है।
  3. कटिस्नायुशूल (साइटिका​) – एक तेज और घातक दर्द जो कूल्हे के माध्यम से होते हुए पैर के पिछले हिस्से में नीचे तक जाता है। यह दर्द उभरी हुई या हर्नियेटेड डिस्क के कारण एक तंत्रिका पर दबाव बढ़ाने के कारण होता है।
  4. गठिया  ऑस्टियोआर्थराइटिस से ग्रसित रोगियों को सामान्यतः कूल्हों, पीठ के निचले हिस्सों, घुटनों और हाथों में जोड़ों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में, स्पाइनल स्टेनोसिस (रीढ़ की हड्डी का संकुचित होना) विकसित हो सकता है, जिसमें रीढ़ की हड्डी के आसपास की जगह संकीर्ण हो जाती है।
  5. रीढ़ का असामान्य रूप से टेढ़ा होना – यदि रीढ़ असामान्य तरीके से टेढ़ी हो जाती है, तो मरीज को कमर दर्द होने की अधिक संभावना है।
  6. ऑस्टियोपोरोसिस – रीढ़ की कशेरुकाओं सहित अन्य हड्डियां नाज़ुक और खोखली बन जाती हैं, जिससे संपीड़न फ्रैक्चर (compression fractures) होने की अधिक संभावना है।

कमर दर्द के कुछ अन्य कारण नीचे दिए गए हैं –

  1. रीढ़ की हड्डी का कैंसर – रीढ़ पर विकसित ट्यूमर तंत्रिका पर दबाव डाल सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कमर दर्द हो सकता है।
  2. रीढ़ की हड्डी का संक्रमण अगर रोगी के शरीर का तापमान बहुत अधिक (बुखार) है, साथ ही साथ कमर का हिस्सा भी गर्म है तो ऐसा रीढ़ की हड्डी के संक्रमण के कारण हो सकता है।
  3. अन्य संक्रमण – पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (महिलाओं में), मूत्राशय या गुर्दों के संक्रमण से भी कमर दर्द हो सकता है।
  4. नींद संबंधी विकार अन्य व्यक्तियों की तुलना में नींद की बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों में कमर दर्द की समस्या अधिक देखी जाती है। (और पढ़ें - अनिद्रा)
  5. दाद  एक प्रकार का संक्रमण, जो तंत्रिकाओं को प्रभावित कर सकता है और कमर दर्द का कारण बन सकता है। यह प्रभावित तंत्रिकाओं पर निर्भर करता है। 
  6. खराब गद्दे यदि कोई गद्दा शरीर के विशिष्ट भागों को आराम नहीं पहुंचाता है और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में बाधक बनता है, तो कमर दर्द के बढ़ने का अधिक खतरा होता है।

दैनिक गतिविधियों या खराब मुद्राओं में शामिल हैं –

  1. अजीब तरह से झुकना
  2. किसी चीज़ को धक्का लगाना 
  3. कुछ खींचना 
  4. कोई सामान ढोना 
  5. कोई वस्तु उठाना
  6. लम्बे समय तक खड़ा रहना 
  7. लम्बे समय तक झुका रहना 
  8. झटका लगना  
  9. खाँसना 
  10. छींकना
  11. मांसपेशी में खिंचाव
  12. अधिक खिंचाव
  13. गर्दन को आगे की तरफ ले जाना, जैसे कि जब आप ड्राइविंग कर रहे हों या कंप्यूटर का उपयोग कर रहे हों।

कमर दर्द (पीठ दर्द) से बचाव - Prevention of Back Pain in Hindi

कमर दर्द की रोकथाम

आप अपनी शारीरिक स्थिति में सुधार करके और उचित शारीरिक प्रक्रियाओं को सीखकर व अभ्यास करके कमर दर्द से बचने या उसकी पुनरावृत्ति को रोकने में सक्षम हो सकते हैं।

अपनी कमर को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए –

  1. व्यायाम – नियमित रूप से की जाने वाली कम प्रभावी एरोबिक गतिविधियां आपकी कमर में खिंचाव या झटका नहीं लगने देती हैं। ये आपकी कमर को मज़बूती व स्थिरता प्रदान करती हैं और आपकी मांसपेशियों को अच्छे तरीके से कार्य करने में सक्षम बनाती हैं। सैर और तैराकी करना अच्छे विकल्प हैं।
  2. मांसपेशियों को मज़बूत और लचीला बनाएं – पेट और पीठ की मांसपेशियों के व्यायाम इन मांसपेशियों की हालत में सुधार करते हैं, जिससे वे मिलकर आपकी कमर के लिए एक प्राकृतिक कोर्सेट का काम करें। आपके कूल्हों और पैरों के ऊपरी भागों में लचीलापन आपकी पेल्विक हड्डियों को संरेखित (aligns) करता है, ताकि आपकी कमर को आराम मिल सके। आपके डॉक्टर या शारीरिक चिकित्सक बता सकते हैं कि आपके लिए कौन से व्यायाम उचित हैं।
  3. स्वस्थ वजन बनाए रखें – अधिक वजन कमर की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न कर देता है। यदि आपका वजन अधिक है, तो उसे कम करने से कमर दर्द को रोका जा सकता है।

उचित शारीरिक प्रक्रियाओं का प्रयोग करें –

  1. ठीक तरह से खड़े होंपेल्विक स्थिति को तटस्थ बनाए रखें। अगर आपको लंबी अवधि के लिए खड़ा होना ज़रूरी है, तो पैर रखने वाले छोटे स्टूल पर अपना एक पाँव रखें जिससे आपकी कमर के निचले हिस्से से थोड़ा भार कम हो सके। बारी-बारी से पैरों को स्टूल पर रखने से कमर की मांसपेशियों पर दबाव कम हो सकता है।
  2. अच्छे तरीके से बैठें – कमर के निचले हिस्से व हाथों को सहारा देने वाली और घूमने वाली कुर्सी चुनें। कमर की वक्रता (curve) को सामान्य बनाए रखने के लिए अपनी कमर के पीछे एक तकिया या तोलिये को मोड़कर रखें। अपने घुटनों और कूल्हों की स्थिति को समान रखें। अपनी बैठने की मुद्रा को कम से कम हर आधे घंटे में बदलते रहेँ। (और पढ़ें - कमर सीधी रखने के टिप्स)
  3. सतर्कतापूर्वक भार उठाएं – यदि संभव हो तो भारी सामान उठाने से बचें, लेकिन अगर वजन उठाना ज़रूरी है तो अपने पैरों को काम करने दें। अपनी पीठ को सीधा रखें, घूमें नहीं और केवल घुटनों पर ही झुकें। भार अपने शरीर के नज़दीक पकडकर रखें। यदि सामान भारी है, तो उसे उठाने के लिए किसी साथी को ढूंढें। 

कमर दर्द (पीठ दर्द) का परीक्षण - Diagnosis of Back Pain in Hindi

कमर दर्द का निदान कैसे करें?

कमर दर्द का निदान करने के लिए आमतौर पर सभी का शारीरिक परीक्षण करने की आवश्यकता  होती है। शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपकी निम्न जांच कर सकते हैं –

  1. खड़े होने और चलने की योग्यता
  2. रीढ़ की हड्डी की मूवमेंट की सीमा 
  3. सजगता
  4. पैरों की ताकत
  5. आपके पैरों में होने वाली सनसनी का पता लगाने की क्षमता

यदि एक गंभीर स्थिति का संदेह होता है, तो आपके डॉक्टर अन्य परीक्षणों का सुझाव दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं –

  1. अंतर्निहित स्थितियों की जांच के लिए रक्त और मूत्र परीक्षण
  2. आपकी हड्डियों के संरेखण (alignment) को देखने और उनकी क्षति की जांच करने के लिए रीढ़ का एक्स-रे 
  3. आपकी डिस्क, मांसपेशियों, स्नायुबंधन (ligaments), तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं का आकलन करने के लिए कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन या मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) 
  4. हड्डी के ऊतक में असामान्यताएं देखने के लिए बोन स्कैन
  5. तंत्रिका चालन (nerve conduction) का परीक्षण करने के लिए एलेक्ट्रोम्योग्राफी (ईएमजी)

कमर दर्द (पीठ दर्द) का इलाज - Back Pain Treatment in Hindi

कमर दर्द का उपचार कैसे करें?

अधिकतर दीर्घकालिक कमर दर्द घरेलू उपचार से कुछ हफ्तों में बेहतर हो जाता है। आपको ओवर-द-काउंटर मिलने वाले दर्द निवारक और गर्म सेक या बर्फ के उपयोग की ज़रुरत पड़ सकती है। बिस्तर पर आराम करने की सलाह नहीं दी जाती है। 

अपने सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक काम करना जारी रखें। हलकी गतिविधि करने की कोशिश करें, जैसे कि चलना और दैनिक जीवन की गतिविधियां। उन कामों को न करें, जिनसे दर्द बढ़ता है, लेकिन दर्द से डरकर काम करने से न बचें। यदि घरेलू उपचार से कई हफ्तों के बाद भी कोई आराम नहीं पड़ रहा है, तो आपके डॉक्टर ज़्यादा असरदार दवाओं या अन्य उपचारों का सुझाव दे सकते हैं। 

दवाएं – आपके कमर दर्द के प्रकार के आधार पर डॉक्टर निम्न सुझाव दे सकते हैं –

  1. ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक – नॉन स्टेरायडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी; NSAID), जैसे कि इबुप्रोफेन क्यूट कमर दर्द को कम कर सकते हैं। अगर ओटीसी दर्द निवारक आपको दर्द से राहत नहीं दिलाते हैं, तो आपके डॉक्टर पर्चे पर लिखी एनएसएआईडी का सुझाव दे सकते हैं।
  2. मांसपेशी शिथिलता – यदि ओटीसी दर्द निवारक दवाओं से हल्के और मध्यम कमर दर्द में कोई आराम नहीं मिलता है, तो आपके डॉक्टर मांसपेशियों को शिथिल करने वाली दवाइयां भी लिख ​​सकते हैं।
  3. स्थानिक दर्द निवारक  ये क्रीम, लेप या मरहम होते हैं, जिन्हें आप दर्द के स्थान पर मलते हैं।
  4. नारकोटिक्स  कुछ दवाएं, जैसे कि कोडीन (codeine) या हाइड्रोकोडोन, आपके चिकित्सक की कड़ी निगरानी में थोड़े समय के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। 
  5. एंटीडिप्रेसेंट – कुछ एंटीडिप्रेसेंट की कम खुराक का इस्तेमाल कुछ प्रकार के क्रोनिक कमर दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है।
  6. इंजेक्शन – यदि अन्य उपाय आपके दर्द से छुटकारा नहीं दिला पा रहे हैं, तो एक कोर्टीसोन इंजेक्शन दिया जाता है। यह तंत्रिका की जड़ों के आसपास होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है, लेकिन दर्द से राहत आमतौर पर कुछ महीनों तक ही मिल पाती है।

शारीरिक चिकित्सा और व्यायाम – शारीरिक उपचार कमर दर्द के इलाज का आधार है। एक भौतिक चिकित्सक दर्द को कम करने के लिए आपकी कमर की मांसपेशियों और कोमल ऊतकों को विभिन्न प्रकार के उपचार, जैसे – उष्मा, अल्ट्रासाउंड, विद्युत उत्तेजना और मांसपेशी को आराम देने वाली तकनीकें अपना सकते हैं। जैसे-जैसे दर्द में सुधार होता है, चिकित्सक आपको व्यायाम सिखा सकते हैं जो आपके लचीलेपन को बढ़ा सकते हैं, कमर और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं और आपकी अवस्था में सुधार कर सकते हैं। इन तकनीकों का नियमित उपयोग दर्द की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद कर सकता है।

सर्जरी कुछ लोगों को कमर दर्द के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है, लेकिन ऐसा बहुत ही कम मामलों में होता है। यदि आप तंत्रिका संपीड़न के कारण होने वाले पैर दर्द या मांसपेशियों की बढ़ती कमजोरी के साथ जुड़े असहनीय दर्द से पीड़ित हैं, तो आपको सर्जरी से फायदा हो सकता है। अन्यथा सर्जरी आमतौर पर संरचनात्मक समस्याओं से संबंधित दर्द के लिए की जाती है, जैसे कि रीढ़ का संकीर्ण होना (स्पाइनल स्टेनोसिस) या हर्नियेटेड डिस्क की स्थिति में जब सामन्य चिकित्सा से कोई लाभ ना हुआ हो।

कमर दर्द (पीठ दर्द) के जोखिम और जटिलताएं - Back Pain Risks & Complications in Hindi

कमर दर्द की वजह से होनी वाली अन्य परेशानियां - 

मेयो क्लिनिक के मुताबिक आपको कमर दर्द का ज़्यादा जोखिम हैं, यदि आप –

  1. ऐसे वातावरण में काम कर रहे हैं, जहाँ पूरे दिन बैठकर काम करना पड़ता है। 
  2. स्ट्रेचिंग या वार्म अप किये बिना ज़्यादा ज़ोर लगाने वाली गतिविधियों में शामिल होते हैं। 
  3. आयु अधिक है।
  4. मोटापे से ग्रस्त हैं। 
  5. धूम्रपान करते हैं। (और पढ़ें – धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपचार)

अध्ययन बताते हैं कि आपका भावनात्मक स्वास्थ्य कमर दर्द के लिए आपके जोखिम पर भी असर डालता है। अगर आपकी नौकरी तनावपूर्ण है या आप अवसाद और चिंता से पीड़ित हैं, तो आपकी कमर दर्द का जोखिम बढ़ सकता है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) में परहेज़ - What to avoid during Back Pain in Hindi?

कमर दर्द के दौरान इनसे परहेज करें 

  1. धूम्रपान बंद करें – धूम्रपान करने से रीढ़ की हड्डी में पोषक तत्व युक्त रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, इसलिए धूम्रपान करने वाले लोगों में विशेष रूप से कमर दर्द अधिक पाया जाता है।
  2. मोटापा – विशेष रूप से आपके शरीर के मध्य भाग में बढ़ने वाला अतिरिक्त वजन आपके सेंटर ऑफ ग्रेविटी का स्थानांतरण कर देता है और आपकी कमर के निचले हिस्से पर दबाव डालता है। इसके परिणामस्वरूप गंभीर कमर दर्द हो सकता है।  
  3. ऊँची एड़ी की चप्पलें न पहनें   ये आपके सेंटर ऑफ ग्रेविटी (भार केंद्र) को बदल सकती हैं और आपकी कमर के निचले हिस्से में खिंचाव उत्पन्न कर सकती हैं।
  4. गलत मुद्रा आपकी कमर पर खिंचाव व दबाव बढ़ा सकती है और आपकी रीढ़ की संरचना में परिवर्तन कर सकती है। अपने कंधों या शरीर को झुकाकर खड़े होने से बचें।
  5. अपने डेस्क से न कूदें।
  6. अनुचित ढंग से या भारी सामान उठाने से बचें, क्योंकि यह कमर दर्द का एक सामान्य कारण है।

कमर दर्द (पीठ दर्द) में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Back Pain in Hindi?

कमर दर्द में ये खाएं 

  1. चेरी – एक अध्ययन से पता चला है कि आठ दिन तक दिन में दो बार 12 औंस चेरी का रस पीने से मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव कम होता है। ताज़ी या डिब्बाबंद खट्टी चेरी भी लाभदायक होती हैं।
  2. जैतून का तेल
  3. डिब्बाबंद सैल्मन, पानी या जैतून के तेल में पैक सार्डिन, फ्लैक्स सीड (अलसी के बीज) और अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं।
  4. प्रोटीन युक्त सब्ज़ियां (जैसे – सोया)
  5. सभी प्रकार की सब्जियां और फल (डिब्बाबंद या जमे हुए (फ्रोजन) ठीक हैं, जब तक कि वे चाशनी में पैक नहीं किए जाते या नमक के साथ लोड नहीं किये जाते हैं)
  6. सभी प्रकार के मेवे 
  7. ग्रीन टी 
  8. अदरक – चाय के उबलते पानी में थोड़ी मात्रा में अदरक घिसकर डालें और अदरक वाली चाय पीएं।
Dr. Kamal Agarwal

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8 वर्षों का अनुभव

Dr. Rajat Banchhor

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2 वर्षों का अनुभव

Dr. Arun S K

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कमर दर्द (पीठ दर्द) की दवा - Medicines for Back Pain in Hindi

कमर दर्द (पीठ दर्द) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Dolopar खरीदें
Sumo L खरीदें
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Brufen खरीदें
Combiflam खरीदें
Zerodol P खरीदें
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कमर दर्द (पीठ दर्द) की ओटीसी दवा - OTC medicines for Back Pain in Hindi

कमर दर्द (पीठ दर्द) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
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Zandu Vishtinduk Vati खरीदें
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कमर दर्द (पीठ दर्द) से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल लगभग 2 साल पहले

पीठ दर्द से तुरंत आराम के लिए क्या करें?

Dr. Nivedita Mule , {}

सवाल है आपको पीठ दर्द क्यों हो रहा है? अगर आपको पीठ में दर्द हाल-फिलहाल में चोट लगने की वजह से हो रहा है, तो उस पर तुरंत आइस पैक या फिर बर्फ को एक टावल में लपेटकर चोट वाली जगह पर लगाएं। इसके अलावा आप मांसपेशियों पर हो रहे दर्द में हल्के गर्म पैड का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि कपड़ा या पैड बहुत ज्यादा गर्म न हो। अगर हॅाट वॅाटर बैग न हो तो गर्म बोतल या गर्म कपड़े का इस्तेमाल भी  किया जा सकता है।

सवाल लगभग 2 साल पहले

पीठ दर्द क्यों होता है?

Dr. Archana Asthana , {}

पीठ का दर्द किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकता है। चोट लगने से लेकर बढ़ती उम्र कमर दर्द की वजह हो सकती है। मासंपेशियों में खिंचाव या किसी भारी सामान के उठाने की वजह से भी कमर में दर्द होता है।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

पीठ दर्द से राहत के लिए क्या करना चाहिए?

Dr. Arvind Swamy , {}

अमूमन पीठ दर्द होने पर लोग हिलना-डुलना बंद कर देते हैं या फिर पूरी तरह से बेड रेस्ट करने लगते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पीठ का दर्द घटने के बजाय बढ़ जाता है, मांसपेशियां कमजोर और टाइट हो जाती हैं। अतः पीठ दर्द होने के बावजूद थोड़ा-बहुत जरूर हिलें। जब भी आराम करें तो ऐसी पोजिशन में बैठें जिससे आपको आराम महसूस हो। जब लेट रहे हों तो हिप्स और कमर के बल लेटें। घुटनों को हल्का मोड़े रखें और घुटनों के नीचे तकिया रखें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा। इसके साथ ही दर्द से आराम के लिए डाक्टर की सलाह पर आईबुप्रोफेन जैसी दवाईयां ले सकते हैं।

सवाल एक साल के ऊपर पहले

पीठ दर्द की सिकाई कैसे करें?

Dr. Vikas Banerjee , {}

पीठ दर्द में सिकाई करते वक्त सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसा न करने पर दूसरी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मसलन जब भी पीठ में दर्द हो तो कोल्ड पैक का इस्तेमाल करें। दर्द पर कभी भी सीधे बर्फ न लगाएं। ऐसा करने से आपको कोल्ड बर्न हो सकता है, इसलिए बर्फ को हमेशा कपड़े में लपेटकर ही इस्तेमाल करें। इसी तरह हॅाट वॅाटर बैग का इस्तेमाल करते वक्त भी सजग रहें। ज्यादा गर्म बैग से आपको असहजता हो सकती है।

References

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  2. Supreet Bindra , Sinha A.G.K. and Benjamin A.I. Epidemiology of lower back pain in Indian population : A review. International Journal of Basic and Applied Medical Sciences. 2015 Vol. 5 (1) January-April, pp. 166-179/Bindra et al.
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