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एनोरेक्सिया क्या है?
एनोरेक्सिया नर्वोसा जिसे अक्सर एरोरेक्सिया भी कहा जाता है, एक खाने का विकार है जिसमें असामान्य रूप से शरीर का कम वज़न, वज़न बढ़ाने का अत्यधिक डर और शरीर के वज़न के प्रति गलत अवधारणाएं होती हैं। एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग अपने वज़न और आकार को नियंत्रित करने के लिए ऐसे प्रयास करते हैं जो उनके जीवन की गतिविधियों के साथ काफी हस्तक्षेप करते हैं।
 
वज़न को बढ़ने से रोकने के लिए या वज़न कम करना जारी रखने के लिए, एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग आमतौर पर अपने खाने की मात्रा को गंभीर रूप से प्रतिबंधित करते हैं। वे खाने के बाद उल्टी करके, मूत्रवर्धक या एनीमा का दुरुपयोग करके अपनी कैलोरी का सेवन नियंत्रित कर सकते हैं। वे ज़्यादा व्यायाम करके अपना वज़न कम करने की कोशिश कर सकते हैं।
  1. एनोरेक्सिया के प्रकार - Types of Anorexia Nervosa in Hindi
  2. एनोरेक्सिया के लक्षण - Anorexia Nervosa Symptoms in Hindi
  3. एनोरेक्सिया के कारण - Anorexia Nervosa Causes in Hindi
  4. एनोरेक्सिया से बचाव - Prevention of Anorexia Nervosa in Hindi
  5. एनोरेक्सिया का परीक्षण - Diagnosis of Anorexia Nervosa in Hindi
  6. एनोरेक्सिया का इलाज - Anorexia Nervosa Treatment in Hindi
  7. एनोरेक्सिया के जोखिम और जटिलताएं - Anorexia Nervosa Risks & Complications in Hindi
  8. एनोरेक्सिया की दवा - Medicines for Anorexia Nervosa in Hindi
  9. एनोरेक्सिया की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Anorexia Nervosa in Hindi
  10. एनोरेक्सिया के डॉक्टर

एनोरेक्सिया के प्रकार - Types of Anorexia Nervosa in Hindi

एनोरेक्सिया के कितने प्रकार होते हैं ?

एनोरेक्सिया के निम्नलिखित दो प्रकार होते हैं -

1. प्रतिबंधित एनोरेक्सिया
इस प्रकार के एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग खाने की मात्रा और उसके प्रकार पर गंभीर प्रतिबंध लगाते हैं।

वह कैलोरी की गिनती करना, भोजन न करना, कुछ खाद्य पदार्थों (जैसे कार्बोहाइड्रेट्स) को सीमित करना और खाने में कुछ नियमों को शामिल जैसे - केवल एक विशेष रंग के भोजन खाना आदि करते हैं। इन व्यवहारों के साथ हो सकता है लोग अत्यधिक व्यायाम करें।

2. अत्यधिक खाने वाला एनोरेक्सिया
इस प्रकार के एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग भी खाने पर प्रतिबंध लगाते हैं लेकिन इसमें नियंत्रण से बाहर भोजन की एक बड़ी मात्रा खाना भी शामिल है। इस खाने की क्षतिपूर्ति करने के लिए व्यक्ति उल्टी करता है और मूत्रवर्धक या एनीमा का दुरुपयोग करता है।

ये व्यवहार शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ होते हैं और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकते हैं।

एनोरेक्सिया के लक्षण - Anorexia Nervosa Symptoms in Hindi

एनोरेक्सिया के क्या लक्षण होते हैं ?

एनोरेक्सिया के निम्नलिखित लक्षण होते हैं -

  1. कई हफ्तों या महीनों तक तेजी से वज़न घटना।
  2. वज़न बहुत कम होने पर भी सीमित भोजन करना।
  3. भोजन, कैलोरी, पोषण या खाना पकाने में एक असामान्य रुचि होना।
  4. वज़न बढ़ाने का अत्यधिक डर।
  5. भोजन करने की अजीब आदतें, जैसे छुप के खाना।
  6. वज़न कम होने पर भी मोटा महसूस करना।
  7. अपने शरीर के वज़न का वास्तविक आकलन करने में असमर्थता।
  8. लगातार सुधार के लिए प्रयास करना और खुद के प्रति बहुत आलोचनात्मक होना।
  9. शरीर के वज़न या आकार का आत्मसम्मान पर अनुचित प्रभाव होना।
  10. डिप्रेशन (अवसाद), चिंता या चिड़चिड़ापन होना।
  11. महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म होना।
  12. रेचक, मूत्रवर्धक या आहार की गोलियों का उपयोग करना।
  13. बार-बार बीमार होना।
  14. घाटे हुए वज़न को छिपाने के लिए ढीले कपड़े पहनना।
  15. बलपूर्वक व्यायाम करना। (और पढ़ें - व्यायाम के फायदे)
  16. बेकार या निराश महसूस करना।
  17. समाज से दूरी बनाना।

समय के साथ एनोरेक्सिया के निम्नलिखित शारीरिक लक्षण हो सकते हैं -

  1. ठंड बादश करने में समस्याएं।
  2. बालों और नाखूनों की कमज़ोरी।
  3. त्वचा का सूखना या पीलापन।
  4. एनीमिया
  5. कब्ज
  6. जोड़ों की सूजन।
  7. दाँत खराब होना।
  8. शरीर पर पतले बालों का एक नया विकास।

एनोरेक्सिया के कारण - Anorexia Nervosa Causes in Hindi

एनोरेक्सिया के क्या कारण हैं ?

एनोरेक्सिया का सही कारण अभी तक अज्ञात है। ऐसा माना जाता है कई अन्य रोगों की तरह, यह भी शायद जैविक, मनोवैज्ञानिक और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन की वजह से होता है।

जैविक (biological) कारक
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसमें कौनसी जीन शामिल होती है लेकिन कुछ आनुवांशिक परिवर्तन हो सकते हैं जिसके कारण कुछ लोगों को एनोरेक्सिया विकसित होने का अधिक खतरा होता है। कुछ लोगों का बेहतर बनने, संवेदनशीलता और दृढ़ता के प्रति एक आनुवंशिक झुकाव हो सकता है जो कि एनोरेक्सिया का कारण हो सकता है।

मनोवैज्ञानिक कारक
कुछ भावनात्मक कारक एनोरेक्सिया के कारण बन सकते हैं। युवा महिलाओं को एक प्रकार के आहार खाना और भूख के बावजूद भोजन न करना जैसे कुछ मनोवैज्ञानिक लक्षण हो सकते हैं। उन्हें बेहतर बनने का जूनून हो सकता है जिससे वे ऐसा सोच सकती हैं कि वे पर्याप्त रूप से पतली नहीं हैं। उन्हें बहुत अधिक चिंता हो सकती है जिसे कम करने के लिए वे खाने पे प्रतिबन्ध लगा सकती हैं।

पर्यावरण कारक
आधुनिक पश्चिमी संस्कृति पतलेपन पर जोर देती है। सहकर्मी आपके पतले होने की इच्छा को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

एनोरेक्सिया के जोखिम कारक क्या हैं ?

एनोरेक्सिया के कुछ जोखिम कारक निम्नलिखित हैं -

  1. महिलाएं - लड़कियों और महिलाओं में एनोरेक्सिया अधिक आम है। हालांकि, सामाजिक दबाव के कारण लड़कों और पुरुषों में यह विकार विकसित होने के अधिक कारण होते हैं।
  2. युवा - एनोरेक्सिया किशोरों में अधिक आम है। फिर भी, किसी भी उम्र के लोग इससे ग्रस्त हो सकते हैं हालांकि, 40 साल से अधिक लोगों में यह दुर्लभ होता है।
  3. जेनेटिक्स - जीन में कुछ परिवर्तन लोगों को एनोरेक्सिया के जोखिम में डाल सकते हैं।
  4. परिवार का इतिहास - अगर आपके माता-पिता, भाई या बच्चे को एनोरेक्सिया है तो आपको भी यह होने का उच्च जोखिम हो सकता है।
  5. बदलाव - जब व्यक्ति नए स्कूल, घर या नौकरी में जाता या उसका रिश्ता टूटता है या उसके किसी प्रिय व्यक्ति की मौत या बीमारी होती है तो यह परिवर्तन व्यक्ति में भावनात्मक तनाव ला सकते हैं और एनोरेक्सिया के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
  6. खेल, काम और कलात्मक गतिविधियां - एथलीट्स, अभिनेता, नर्तक और मॉडल लोगों को एनोरेक्सिया के उच्च जोखिम में होते हैं। कोच और माता-पिता अनजाने में यह सुझाव देकर जोखिम बढ़ा सकते हैं कि युवा खिलाड़ियों के वज़न कम होते हैं।
  7. मीडिया और समाज - टीवी और फैशन पत्रिकाएं अक्सर पतले मॉडल और कलाकारों को दिखाते हैं। इन छवियों से सफलता और लोकप्रियता के प्रति समानता प्रतीत हो सकती है जिससे लोग एनोरेक्सिया के जोखिम में आ सकते हैं।

एनोरेक्सिया से बचाव - Prevention of Anorexia Nervosa in Hindi

एनोरेक्सिया का बचाव कैसे होता है ?

एनोरेक्सिया से बचाव का कोई सिद्ध तरीका नहीं है। प्राथमिक देखभाल करने वाले चिकित्सक एनोरेक्सिया के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर सकते हैं और इसके पूर्ण विकास को रोकने का प्रयास कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, वे नियमित चिकित्सा नियुक्तियों के दौरान आपके खाने की आदतों और संतुष्टि के बारे में सवाल पूछ सकते हैं।

यदि आपको ऐसा अनुभव होता है आपके किसी पारिवारिक सदस्य या मित्र को आत्मसम्मान की समस्याएं, आहार सम्बन्धी गंभीर आदतें और खुद से असंतोष है, तो इन मुद्दों के बारे में आप उससे बात कर सकते हैँ। यद्यपि आप एनोरेक्सिया के विकास को रोक नहीं सकते हैं, आप एक स्वस्थ व्यवहार या उपचार के विकल्पों के बारे में बात कर सकते हैं।

एनोरेक्सिया का परीक्षण - Diagnosis of Anorexia Nervosa in Hindi

एनोरेक्सिया का निदान कैसे होता है ?

एनोरेक्सिया का निदान निम्नलिखित तरीकों से होता है -

शारीरिक परीक्षण
शारीरिक परीक्षण में आपकी लम्बाई और वज़न को मापा जा सकता है, आपके दिल की दर, ब्लड प्रेशर, तापमान, आपकी त्वचा और नाखूनों की जांच भी की जा सकती है। इसमें आपके दिल और फेफड़ों को को सुना जा सकता है और पेट की जांच भी हो सकती है।

प्रयोगशाला परीक्षण
प्रयोगशाला परीक्षण में इलेक्ट्रोलाइट्स और प्रोटीन की जाँच के साथ-साथ आपके लीवर, किडनी और थायराइड के कार्य को जांचने के लिए संपूर्ण ब्लड काउंट और अधिक विशिष्ट रक्त परीक्षण किए जा सकते हैं। आपके मूत्र की जाँच भी की जा सकती है।

(और पढ़ें - महिलाओं में थायराइड लक्षण)

मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन में एक डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सक आपके विचारों, भावनाओं और खाने की आदतों के बारे में पूछेंगे। आपको मनोवैज्ञानिक प्रश्नों की एक प्रणाली के जवाब भी देने पड़ सकते हैं।

अन्य परीक्षण
एक्स-रे से आपकी हड्डी के घनत्व की जांच, तनाव से फ्रैक्चर की जांच, निमोनिया या हृदय संबंधी समस्याओं की जांच की जा सकती है। हृदय की अनियमितता देखने के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) किया जा सकता है। आपके शरीर का ऊर्जा उपयोग देखने के लिए भी जाँच की जा सकती है, जो पोषण संबंधी आवश्यकताओं को नियोजित करने में सहायता कर सकती है।

एनोरेक्सिया का इलाज - Anorexia Nervosa Treatment in Hindi

एनोरेक्सिया का उपचार कैसे होता है ?

एनोरेक्सिया का उपचार निम्नलिखित तरीकों से होता है -

मनोचिकित्सा
परामर्श में संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) शामिल है, जो व्यक्ति के सोचने और व्यवहार करने के तरीके को बदलने पर ध्यान केंद्रित करती है। सीबीटी एक रोगी को भोजन और शरीर के वज़न के बारे में सोचने के तरीके को बदलने और तनावपूर्ण या मुश्किल परिस्थितियों का जवाब देने के प्रभावी तरीके विकसित करने में सहायता कर सकता है।
पोषण परामर्श से मरीज को स्वस्थ खाने की आदतों को समझने में मदद मिल सकती है। वे स्वास्थ्य को बनाए रखने में संतुलित आहार की भूमिका के बारे में जान पाते हैं।

दवाएं
एनोरेक्सिया की कोई विशेष दवा नहीं है लेकिन आपको पोषण की खुराक की आवश्यकता हो सकती है और चिकित्सक आपको चिंता, मनोग्रसित बाध्यता विकार (obsessive compulsive disorder; ओसीडी) या अवसाद को नियंत्रित करने के लिए दवाएं दे सकते हैं।

अस्पताल
यदि वज़न का अत्यधिक कम होना या कुपोषण, खाना ना खाना या मानसिक आपातकालीन स्थिति होती है, तो अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है। सुरक्षित वज़न बढ़ाने के लिए भोजन का सेवन धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।

एनोरेक्सिया के जोखिम और जटिलताएं - Anorexia Nervosa Risks & Complications in Hindi

एनोरेक्सिया की क्या जटिलताएं हैं ?

एनोरेक्सिया की जटिलताएं शरीर की सभी व्यवस्थाओं को प्रभावित कर सकती हैं और वे गंभीर भी हो सकती हैं।
इसकी शारीरिक जटिलताएं निम्नलिखित हैं -

  1. हृदय संबंधी समस्याएं - एनोरेक्सिया से निम्न हृदय गति, लो बीपी (लो ब्लड प्रेशर) और हृदय की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है।
  2. रक्त की समस्याएं - एनोरेक्सिया से ल्यूकोपेनिया और एनीमिया हो सकते हैं।
  3. जठरांत्र सम्बन्धी समस्याएं - आंतों की गतिविधयां काफी हद तक धीमी हो जाती हैं अगर किसी व्यक्ति का वज़न गंभीर रूप से कम होता है और वह बहुत कम खाना खता है लेकिन आहार में सुधार आने से यह ठीक हो जाता है।
  4. गुर्दे की समस्याएं - निर्जलीकरण से अत्यधिक मूत्र आना और अधिक मूत्र उत्पादन हो सकता है। वज़न के स्तर में सुधार से अक्सर गुर्दे भी ठीक हो जाते हैं।
  5. हार्मोन संबंधी समस्याएं - विकास हार्मोन के कम स्तर से किशोरावस्था के दौरान विलंबित वृद्धि हो सकती है। सामान्य विकास एक स्वस्थ भोजन के साथ शुरू होता है।
  6. हड्डी का फ्रैक्चर - जिन रोगियों की हड्डियां पूरी तरह से विकसित नहीं होती हैं, उन्हें ऑस्टियोपेनिआ या ऑस्टियोपोरोसिस का काफी अधिक जोखिम होता है।

लगभग 10 में से 1 मामले घातक होते हैं। खराब पोषण से शारीरिक प्रभावों के अलावा, आत्महत्या का उच्च जोखिम हो सकता है। एनोरेक्सिया से संबंधित 5 मौतों में से एक मौत आत्महत्या से होती है।

एनोरेक्सिया का जल्दी निदान और उपचार जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकते हैं।

Dr. B.P Yadav

Dr. B.P Yadav

एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
1 वर्षों का अनुभव

Dr. Vineet Saboo

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
8 वर्षों का अनुभव

Dr. JITENDRA GUPTA

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
1 वर्षों का अनुभव

Dr. Rahat Dent

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
4 वर्षों का अनुभव

एनोरेक्सिया की दवा - Medicines for Anorexia Nervosa in Hindi

एनोरेक्सिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
Practin खरीदें
Hungree Syrup खरीदें
Dr. Reckeweg Gossypium Herb. Q खरीदें
Aekil Cold खरीदें
Lary खरीदें
M Cold Plus खरीदें
Toff Plus खरीदें
Coryl Cz खरीदें
Fricold खरीदें
G Cet Plus खरीदें
Noco खरीदें

एनोरेक्सिया की ओटीसी दवा - OTC medicines for Anorexia Nervosa in Hindi

एनोरेक्सिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine Name
Divya Liv D 38 Tablet खरीदें
Zandu Alpitone Syrup खरीदें
More Power Capsule 40 Capsules खरीदें
Himalaya Liv 52 Syrup खरीदें

References

  1. Janet Treasure, June Alexander. Anorexia Nervosa. Routledge, 2013 178 pages
  2. Evelyn Attia, B. Timothy Walsh. Anorexia Nervosa. Am J Psychiatry 164:12, December 2007.
  3. Jane Morris et al. Anorexia nervosa. BMJ. 2007 Apr 28; 334(7599): 894–898. PMID: 17463461
  4. HelpGuide. Anorexia Nervosa. [internet]
  5. Randy A. Sansone et al. A Primer on Psychotherapy Treatment of Anorexia Nervosa in Adolescents. Psychiatry (Edgmont). 2005 Feb; 2(2): 40–46. PMID: 21179635
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